जीएसटी नम्बर (GSTIN) के लिए कैसे अप्लाई करें? स्टेप-बाई-स्टेप गाइड

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जीएसटी नम्बर (GSTIN) के लिए कैसे अप्लाई करें? स्टेप-बाई-स्टेप गाइड

जीएसटी नम्बर क्या है? पढ़िए इससे जुड़ी पूरी जानकारी

जीएसटी लागू हुए अब तक 3 वर्ष पूरा हो चूका है और तीसरा जीएसटी भरा जा रहा है। लेकिन 'मेक इन इंडिया' की पहल से रोज नए व्यवसाय स्टार्ट हो रहे हैं साथ ही पुराने व्यवसाय जिनका टर्नओवर बढ़ा है उन्हें भी रजिस्ट्रेशन की जरुरत है। तो नए और पुराने व्यवसायी जिन्हे जरुरत है और जानना जरूरी है की जीएसटी  रजिस्ट्रेशन कैसे करें वो हमारे इस आर्टिकल को ध्यान से पढ़ कर बड़ी ही आसानी से जीएसटी पोर्टल में रजिस्टर कर सकता है और अपना जीएसटी आइडेंटिफिकेशन नंबर प्राप्त कर सकता है। यह प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन और आसान है। जब रजिस्ट्रेशन करने के लिए अप्लाई करते हैं तो आवश्यक फॉर्म यानि GST REG-01 में सभी जानकारी सही - सही देनी होती है। मतलब की व्यापारी को सुनिश्चित करना होता है की उसके द्वारा दी गयी जानकारी सही है उसमे दिए गए दस्तावेज़ सही है कोई त्रुटि नहीं है। आइये इस आर्टिकल में जाने स्टेप-बाइ-स्टेप गाइड GSTIN रजिस्ट्रेशन करने के लिए:-

  • अब व्यावसायिक संस्थाओं को जीएसटी के तहत पंजीकरण करना अनिवार्य हो गया है जिसमे रजिस्ट्रेशन कर 15-अंकीय माल और सेवा कर पहचान संख्या (GSTIN) प्राप्त करना होता है।
  • जीएसटीआईएन ने पिछले टैक्स के तहत मिलने वाले टैक्स आइडेंटिफिकेशन नंबर (TIN) की जगह ली है। टैक्स आइडेंटिफिकेशन नंबर (TIN) पहले सम्बंधित राज्य कर अधिकारी वैट के तहत पंजीकरण करके देता था।

जीएसटीआईएन क्या है?

जीएसटी के पहले जो कर लगता था उसके लिए केंद्र और राज्य सरकार "टिन नंबर और सेवा कर" पंजीकरण संख्या जारी करती थी। लेकिन वास्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत जहा सरे कर को समायोजित कर एक ही कर का प्रावधान कर दिया गया है तो इसमें करदाता को अलग अलग नंबर नहीं लेना होता और एक ही प्राधिकरण के तहत पंजीकृत करना होता है। पंजीकरण के बाद आवेदन किये गए करदाता को माल और सेवा कर पहचान संख्या (GSTIN) प्राप्त होगा जो उसका यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर होगा।

अब जीएसटी लगने के बाद सभी पंजीकृत करदाताओं को अनुपालन और प्रशासन के उद्देश्यों को एक ही जगह समेकित किया जा रहा है तथा एक ही प्राधिकरण के तहत पंजीकृत किया जा रहा है। जीएसटी में रजिस्टर करने के बाद प्रत्येक करदाता को जीएसटीआईएन के रूप में एक अद्वितीय कोड सौंपा जाता है जो की राज्यवार और पैन आधारित होता है।

  • पहले दो अंक भारतीय जनगणना 2011 के अनुसार राज्य कोड को दर्शाते हैं। प्रत्येक राज्य या केंद्र शासित प्रदेश का एक अद्वितीय कोड होता है। उदाहरण के लिए, 27 महाराष्ट्र के लिए और 09 उत्तर प्रदेश के लिए है।
  • अगले दस अंक करदाता या व्यावसायिक पैन नंबर हैं
  • 13 वां अंक एक ही पैन के लिए एक राज्य में पंजीकरण की संख्या को इंगित करता है। यह एक अल्फा-न्यूमेरिक अंक होगा (पहले 1-9 और फिर A-Z)
  • 14 वाँ अंक डिफ़ॉल्ट रूप से वर्णमाला ’Z’ होगा
  • जीएसटीआईएन नंबर में किसी त्रुटि को पता करने हेतु सीरियल नंबर के सबसे आखिरी में एक चेक कोड (संख्या या वर्णमाला) होता है।

GSTIN की आवश्यकता क्यों होती है?

जीएसटी (GST) नियम के अनुसार एक सामान्य करदाता के रूप में उसे पंजीकरण करना आवश्यक होता है जो की 20 लाख रूपये से अधिक के टर्नओवर वाले माल और सेवाएं प्रदान करती है। यह पंजीकरण इसलिए भी मायने रखती है क्योंकि इसमें पंजीकरण के बाद ही पंजीकृत व्यवसाय अपने कच्चे माल की खरीद पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के निर्बाध प्रवाह की तरह फायदा ले सकता है।

पंजीकृत व्यापारी जीएसटी रिटर्न दाखिल कर सकता है एवं जीएसटी देयता मौजूद होने पर भुगतान करता है। और यदि भुगतान किया गया जीएसटी, दिए जाने वाले जीएसटी से ज्यादा है तो व्यापारी जीएसटीआईएन के माध्यम से जीएसटी रिटर्न फाइल कर सकता है।

इसके अलावा व्यवसाय को निधि देने के लिए ऋण की अवस्य्क्ता हो तब भी GSTIN नंबर मदद करता है। कई फाइनेंस कंपनियां कारोबारियों को इन्वेंट्री खरीदने, कमर्शियल स्पेस का विस्तार करने और अपना बिजनेस बढ़ाने के लिए बिजनेस लोन प्रदान करती हैं। लोन लेने के लिए व्यापारी का व्यवसाय जीएसटी के अनतर्गत रजिस्टर होना चाहिए और उसके पास वैध GSTIN होना चाहिए।

जीएसटीआईएन खोज और उसके सत्यापन का उपकरण क्या है?

यदि व्यवसायी के पास GSTIN है, तो वह किसी भी GSTIN को GSTIN सर्च टूल पर सिंगल-क्लिक से बिलकुल मुफ्त बिना कोई अतरिक्त राशि के सत्यापित कर सकता हैं।

ऑनलाइन जीएसटीआईएन खोज और सत्यापन उपकरण के निम्नलिखित लाभ है

  • आसान सत्यापन
  • धोखाधड़ी से बचना
  • प्रामाणिकता के लिए जाँच
  • जीएसटीआईएन की रिपोर्टिंग में किसी भी संभावित त्रुटियों का सुधार
  • नकली GSTIN का उपयोग करने वाले विक्रेताओं के साथ सहयोग के खिलाफ रोकथाम

GSTIN खोज और सत्यापन उपकरण का उपयोग कैसे करें?

इन चरणों के उपकरण का उपयोग करके-

  1. खोज बॉक्स में एक मान्य GSTIN नंबर दर्ज करें
  2. "खोज" बटन पर क्लिक करें

यदि दर्ज किया गया GSTIN सही है, तो आप नीचे दिए गए विवरणों को सत्यापित कर सकते हैं-

  • राज्य
  • पंजीकरण की तिथि
  • व्यवसाय का कानूनी नाम
  • जीएसटीआईएन स्थिति / यूआईएन स्थिति
  • करदाता प्रकार - नियमित करदाता या रचना डीलर
  • व्यवसाय का संविधान - कंपनी, एकमात्र स्वामित्व या साझेदारी

GSTIN के लिए आवेदन कैसे करें?

GST के लिए पंजीकरण करना और GSTIN प्राप्त करना भारत सरकार द्वारा नि: शुल्क है। करदाताओं के लिए GST के तहत पंजीकरण करने के दो तरीके हैं:

- जीएसटी ऑनलाइन पोर्टल पर रजिस्टर करें

- भारत सरकार द्वारा स्थापित जीएसटी सेवा केंद्र पर जाएं

  • सबसे पहले जीएसटी की वेबसाइट https://www.gst.gov.in/ पर जाके लॉग ऑन करें, फिर tab Services ’टैब पर क्लिक करें,’ उसके बाद Registration ’पर होवर करें और फिर click New Registration’ पर क्लिक करें।
  • एक बार पृष्ठ खुल जाने के बाद, 'नया पंजीकरण' चुनें और अपना विवरण ध्यान से फ़ॉर्म में भरें। लाल डॉट से चिह्नित सभी क्षेत्रों में जानकारी दर्ज करें क्योंकि इन बॉक्स में जानकारी प्रदान करना अनिवार्य होता है। ईमेल आईडी और फ़ोन नंबर भी दर्ज करें उस पर सत्यापित करने के लिए दोनों पर ही ओटीपी आएगा जो की 10 मिनट के लिए ही वैध रहता है।
  • मोबाइल और ई-मेल भरने के बाद आगे बढ़ें, इसके बाद जो ओटीपी (OTP) ई-मेल और मोबाइल पर आएगा उसे दिए गए बॉक्स में दर्ज करें। इस तरह मोबाइल और ई-मेल आपका सतयापित हो जायेगा। OTP नहीं आने की स्थिति में आप इसे फिर से उत्पन्न (RE-Generate) कर सकते हैं।
  • सत्यापन की प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद, व्यवसायी को अस्थायी पंजीकरण संख्या (TRN) मिलगी। अब व्यवसायी वापस से टैब पर जाकर सेवाएँ> पंजीकरण> नया पंजीकरण विकल्प, और फिर मिली हुई नवनिर्मित TRN का उपयोग करके लॉगिन करने के लिए अस्थायी पंजीकरण संख्या (TRN) दर्ज करें और स्क्रीन पर दिख रहे कैप्चा को बॉक्स में लिखें। इसके बाद फिर से ओटीपी (OTP) प्राप्त होगा दिए गए मोबाइल और ई-मेल पर।
  • फॉर्म सबमिट करने के बाद सत्यापन होते ही यूजर को मेरा सहेजे गए एप्लिकेशन पृष्ठ पर पोर्टल रेडिरेक्ट हो जायेगा। अब कारोबारी के पास सभी आवश्यक विवरणों जैसे की बैंक खाते की संख्या, आईएफएससी कोड, व्यापार निगमन का प्रमाण आदि की स्कैन की हुई प्रतियाँ के साथ इस आवेदन को जमा करने के लिए 15 दिन मिलते हैं।
  • अब नामांकन फॉर्म भर सकते हैं और अनिवार्य बॉक्स में सही जानकारी प्रदान कर click save and continue ’पर क्लिक करें। अब संविधान का प्रमाण प्रदान करते समय उन विवरणों को भरें जो and व्यवसाय ’और the प्रवर्तकों / साझेदारों के टैब में सूचीबद्ध हैं।
  • अंत में, 'अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता' अनुभाग के तहत जानकारी प्रदान करें। फॉर्म को ई-साइन करने के लिए हस्ताक्षरकर्ता के मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी का उपयोग करना होगा। और डीएससी के माध्यम से हस्ताक्षर करने के लिए हस्ताक्षरकर्ता का पैन डीएससी के साथ जुड़ा होना चाहिए।
  • अब संबंधित टैब जैसे कि पासबुक या बैंक स्टेटमेंट के पहले पेज से डेटा का उपयोग करके, बाकी टैब, जैसे कि 'प्राइमरी प्लेस ऑफ बिजनेस ’, Services गुड्स एंड सर्विसेज’, using बैंक अकाउंट्स ’आदि को भर सकते हैं।
  • कंपनियों और एलएलपी के लिए डिजिटल रूप से हस्ताक्षर करना अनिवार्य है, और अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता के हस्ताक्षर, जैसा कि पंजीकरण फॉर्म में है वैसा ही होना चाहिए उसके बाद ही आवेदन जमा कर सकते हैं।
  • आवेदन को ट्रैक करने के लिए मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी पर एक एप्लीकेशन रेफरेंस नंबर या एआरएन (ARN) प्राप्त हो जायेगा।
  • जीएसटी अधिकारी द्वारा आवेदन स्वीकार कर लिए जाने के बाद व्यवसाय के लिए एक अनूठा जीएसटीआईएन नंबर मिल जायेगा। इसकी सूचना ई-मेल द्वारा दी जाएगी साथ में अस्थायी उपयोगकर्ता नाम और पासवर्ड भी दिया जायेगा जिसे लॉग इन करने पर उपयोग कर सकते हैं लॉगिन करने के बाद नया पासवर्ड सेट करने के लिए 'फर्स्ट टाइम लॉगिन' पर क्लिक कर बदल सकते हैं।
  • 3 से 5 दिन बाद अपने पंजीकरण प्रमाणपत्र को 'सेवा' टैब पर नेविगेट करके डाउनलोड कर सकते हैं। ऐसा करने के लिए or उपयोगकर्ता सेवाएँ ’और फिर‘ प्रमाणपत्र देखें या डाउनलोड करें ’पर क्लिक करें।

जीएसटी के तहत पंजीकरण नहीं कराने पर जुर्माना कितना है?

एक अपराधी जो कर का भुगतान नहीं करता है या कम भुगतान करता है, उसे न्यूनतम 10,000 रुपये के अधीन कर राशि का 10 प्रतिशत जुर्माना देना पड़ता है। यदि अपराधी ने जानबूझकर धोखाधड़ी की है - तो कर की राशि का 100 प्रतिशत तक जुर्माना होगा।

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