योगा सेक्टर में बिजनेस कैसे शुरू करें?

आज के जमाने की भागमभाग की जीवन शैली और बढ़ते प्रदूषण ने मानव को परेशान कर रखा है। वर्तमान समय में पूरे विश्व के लोगों को अपने स्वास्थ्य और फिटनेस की चिंता सताती रहती है। इसका प्रमुख कारण यह है कि आजकल इंसान से अधिक कल कारखाने हैं। इन कारखानों से निकलने वाली जहरीली गैसें, जहरीला पानी वायु व जल प्रदूषण को इतना अधिक बढ़ा रहा है कि आम आदमी का जीना दूभर हो रहा है। इसके समधान के लिए कई तरह की उपचार प्रणाली नाकाम हो रहीं हैं अथवा कई तरह की उपचार प्रणाली के साइड इफेक्ट हो रहे हैं, इससे इंसान डरा हुआ है कि अब क्या करें?  इस समस्या से इंसान के जीवन की अवधि भी कम हो रही है। कई ऐसे उदाहरण देखे गये हैं कि कम उम्र में ही बिना किसी व्यसन के सादा जिंदगी जीने वाले व्यक्ति भी जिंदगी से हार जाते हैं उनका दोष सिर्फ इतना ही था कि वह अपनी जीवनचर्या में व्यस्त अधिक रहते हैं।  जीवनचर्या में व्यस्त होने से किसी की उम्र कम नहीं होनी चाहिये है लेकिन मानव शरीर भी एक सीमा तक ही बीमारियों व जहरीली वस्तुओं के प्रभाव को सहन कर सकता है। कहने का मतलब यह है कि आज की जो विषम स्थिति बन गयी है। ऐसी स्थिति लोगों के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है। इसके उपचार के लिए लोगों ने चारों ओर हाथ-पांव मारे। लोगों को निराशा ही हाथ लगी।

परेशान विश्व को योगा का वरदान मिला

काफी खोजबीन के बाद भारत की प्राचीनकालीन एक पद्धति लोगों की चिंता को दूर करने के लिए ईश्वरीय वरदान बनकर सामने आई। जिसे हम भारती योग यानी योगाभ्यास  कहते हैं, जिसमें शारीरिक सुरक्षा एवं मानसिक क्षमता बढ़ाने के अनेक उपाय होते हैं।  योगा में केवल योगाभ्यास या योगासन ही नहीं हैं बल्कि इसमें आयुर्वेदिक व हर्बल पद्धति से शारीरिक व मानसिक विकार या कमियां दूर की जातीं हैं। उपचार के लिए योगा पद्धति की औषधियां व जड़ी बूटियों व उपकरणों आदि की सहायता ली जाती है।

दुनिया का चौथा सबसे बड़ा उद्योग है

प्रदूषण और थकाऊ जीवन शैली में आज विश्व में योगा आसन और योगा सेक्टर की अन्य सेवाएं किसी वरदान से कम नहीं हैं। योगा और योगा सेक्टर की सेवाओं से पूरे विश्व के मानव को इतना अधिक लाभ हुआ है, जितना किसी अन्य उपचार प्रणाली से नहीं हुआ है। इसी वजह से पूरी दुनिया में योगा की अच्छी खासी डिमांड है। एक अनुमान बताता है कि पूरी दुनिया में 70 करोड़ से अधिक लोग प्रतिदिन योगाभ्यास करते हैं। और लगभग इतने ही लोग योगा सेक्टर की अन्य सेवाएं लेकर अपने स्वास्थ्य और फिटनेस को ठीक रख पा रहे हैं। यही नहीं जो लोग योगा से स्वस्थ और फिट हो रहे हैं, वे अपने साथियों, परिवार के लोगों और शुभचिन्तकों, इष्ट-मित्रों को भी योगा से लाभ उठाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इस वजह से योगा बहुत बड़ा उद्योग बनकर सामने आ रहा है। आज पूरे विश्व में योगा सेक्टर की सेवाओं से लाभ उठाने वाले ग्राहकों की संख्या इतनी अधिक है कि विश्व में सबसे अधिक लाभ वाले कारोबार में योगा का चौथा स्थान है। इससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि योगा सेक्टर की आज विश्व के मार्केट व विश्व के नागरिकों के बीच कितनी अधिक महत्वपूर्ण स्थिति है। आज हम यह जानने की कोशिश करते हैं कि योगा सेक्टर में बिजनेस शुरू करके किस तरह से लाभ उठाया जा सकता है।

योगा का इतिहास

आज हर कोई जानता है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और योग गुरु बाबा रामदेव ने योगा का सारी दुनिया में प्रचार-प्रसार किया है। इसकी वजह से 21 जून यूएनओ ने योगा दिवस घोषित किया है। इससे प्रेरित होकर योगा का प्रयोग करके सारा विश्व फायदा उठा कर अपने आप को स्वस्थ रख रहा है। इसके इतिहास में नजर डालते हैं तो पता चलता है कि आज के योगा की रचना आदिकाल में हमारे पूर्वजों ने उस समय की थी जब सभ्यता का उदय हुआ ही था लेकिन लेखन व पाठन सामग्री का विकास नहीं हुआ था। योगा के बारे में शोधकारों का कहना है कि यह योगा सिंधु घाटी की सभ्यता से पहले भी था लेकिन उस समय आजकल की तरह कागज, पेन,पेंसिल, स्याही, दवात या किसी चीज को रिकार्ड रखने के साधन नहीं थे। उस समय में प्रचलित भोज पत्र व पेड़ों के पत्तों में लिखा जाता था, तब योगा की तमाम बातें लिखीं गयीं थीं। उसके बाद वो नष्ट हो गयीं या उनका विनाश कर दिया गया। इस बारे में शोधकारों का मानना है कि यह बात 10,000 साल पहले की हो सकती है, उसके बाद हमारे वेदों में ऋगवेद में भी योगा की चर्चा की गयी है। जिन्हें 8 हजार साल पुराना माना जाता है। इसके बाद महर्षि पतंजलि का जिक्र आता है, उन्होंने योगा से जीवन शैली में महत्वपूर्ण बदलाव लाने के अनेक मंत्र लिखे हैं और पूरी प्रणाली लिखी है, जिसे 5000 साल पुराना माना जाता है। उसके बाद स्वामी विवेकानन्द से लेकर आज के योग गुरू बाबा रामदेव सहित अनेक जाने-अंजाने योग गुरू हो चुके हैं जिन्होंने भारत की इस प्राचीन उपचार पद्धति को विश्व के घर-घर तक पहुंचाया है।

व्यापार की हैं अनेक संभावनाएं

जब विश्व के 80 प्रतिशत लोग योगा क्षेत्र से जुड़ गये हैं और यह विश्व का चौथा श्रेष्ठ व्यापारिक क्षेत्र है तो इसमें व्यापार और कारोबार की संभावनाएं भी अनेक हैं। इन संभावनाओं को बिजनेस कैसे बनाया जाये। इस पर विचार करने की आवश्यकता है। तो हम इस सेक्टर की सारी गतिविधियों को बारीकी से देखते हैं और उनका निरीक्षण करते हैं और उनमें से अधिक से अधिक लाभ देने वाली गतिविधियों व उत्पादों का चयन करते हैं।

कौन-कौन से बिजनेस को किया जा सकता है शुरू

योगा सेक्टर में ऐसे कौन-कौन से काम हैं जिन्हें बिजनेस में बदल कर लाभ कमाया जा सकता है अथवा जिनका बिजनेस आसानी से शुरू किया जा सकता है:-

1. योगा स्टूडियो

2. योगा ट्रेनर

3. योगा क्लासेस

4. ऑनलाइन योगा क्लासेज

5. योगा ब्लाग राइटिंग

6. योगा औषधि पौधों की खेती

7. जड़ी-बूटी यानी हर्बल उत्पादों का बिजनेस

8. योगा टूरिज्म प्रोग्राम का बिजनेस

9. योगा वियर का बिजनेस

योगा सेक्टर में इस तरह की अनेक बिजनेस की संभावनाएं हैं। हर व्यक्ति अपनी सुविधा और क्षमता के अनुसार उनका चुनाव कर सकता है। उसके लिए योजनाएं बनाकर उन्हें शुरू कर सकता है।  वैसे योगा सेक्टर के लिए योगा ट्रेनर और योगा स्टूडियो को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। क्योंकि इन्हीं दोनों योगा सेक्टर का मुख्य आधार माना जाता है। कहने का मतलब यह है कि किसी व्यक्ति को योगा से लाभ उठाना है उसके लिये दोनों चीजों की हर हाल में आवश्यकता पड़ेगी।

बिजनेस शुरू करने से पहले करना होंगे ये काम

योगा सेक्टर का बिजनेस शुरू करने से पहले आपको अपने आस-पास या उस क्षेत्र में लोगों को योगा से होने वाले लाभ के प्रति जागरुक करना होगा। इसका मतलब यह है कि आपको अपने बिजनेस शुरू करने से पहले आपको अपने ग्राहक तलाशने होंगे या अपने ग्राहक पैदा करने होंगे। इसके लिए इस तरह आप कुछ काम कर सकते हैं, जैसे:-

1. यदि आप ट्रेनर हैं तो कुछ दिनों तक आपको जगह-जगह अपनी कला का मुफ्त में प्रदर्शन करना होगा

2. कालेजों, विद्यालयों और स्कूलों से टाइअप करके विशेष कार्यक्रमों का आयोजन कराना होगा

3. आपके बिजनेस एरिया में होने वाले धार्मिक व सामाजिक कार्यों में भाग लेकर वहां पर अपनी कला का प्रदर्शन करना होगा

4. उस एरिया के पार्क में कुछ समय के लिए योगा शिविर लगाकर लोगों को अभ्यास कराना होगा

5. धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं से भी अपने योगा कार्यक्रम के प्रचार प्रसार में मदद लेनी होगी

6. वर्कशाप व विचार गोष्ठी का भी आयोजन करके योगा का प्रचार प्रसार कर सकते हैं

सावधानी इतनी रखनी होगी कि आप अपने कार्यक्रम संक्षिप्त बनायें। आपका मकसद लोगों को योगा का प्रचार करना, उन्हें इस योगा का संदेश देना है। इसमें आपको प्रेरक बातें अधिक करनी चाहिये तथा योगासन का प्रदर्शन कम करना चाहिये। ताकि लोगों में योगा के प्रति क्रेज उत्पन्न हो सके। इसका फायदा आपको स्टूडियो खोलने में मिल सकता है।

1. योगा स्टूडियो

योगा स्टूडियो कई तरह से खोला जा सकता है। पहला स्वयं का योगा स्टूडियो खोला जाता है। जिसमे बिजनेस मैन को योगा ट्रेनर की ट्रेनिंग लेनी होती हैं। दूसरा किसी खास संस्था की फ्रेंचाइजी लेनी होती है। उसमें कंपनी अपना ट्रेनर भेजती है। स्टूडियो को संचालित करने में और अन्य तरह की मदद देती है। तीसरी तरह से स्टूडियो आप इस तरह से खोल सकते हैं यदि कोई अनुभवी प्रशिक्षित ट्रेनर आपके साथ साझा करना चाहता हो तो उसके साथ भी आप स्टूडियो खोल सकते हैं।

2. योगा ट्रेनर

किसी अच्छे संस्थान से योगा की ट्रेनिंग लेकर और उससे प्रमाण पत्र हासिल करके आप स्वयं व्यक्तिगत रूप से योगा ट्रेनर का काम शुरू कर सकते हैं। आजकल अच्छे योगा ट्रेनर की बहुत अधिक डिमांड है। योगा ट्रेनर की सर्विस लेने वाले भी सम्पन्न व्यक्ति होते हैं, जो आपको मुंहमांगी रकम दे सकते हैं। वैसे भी योगा ट्रेनर की काफी अच्छी आय है। योगा ट्रेनर साप्ताहिक, सप्ताह में दो बार, सप्ताह में तीन बार के हिसाब से अपनी फीस लेते हैं। इससे आप एक से अधिक जगह लोगों को अपनी सेवाएं दे सकते हैं। बेहतर यही होगा कि एक ही एरिया में कई लोगों यानी काफी अधिक संख्या में एक साथ ट्रेनिंग दें इससे आपको अधिक फायदा होगा और ट्रेनिंग लेने वालों को भी कम खर्चे में आपकी सेवाएं मिल जायेंगी। यदि कोई व्यक्तिगत रूप से ही सेवाएं लेना चाहता है तो उससे समय के अनुसार उचित फीस तय करें।

3. योगा औषधि पौधों की खेती

योगा के दौरान आवश्यक सामग्री में अनेक ऐसे पौधों का भी जिक्र किया जाता है, जिनका स्वास्थ्य और फिटनेस में बहुत अधिक जरूरत होती है। ये पौधे हर जगह उपलब्ध नहीं होते हैं। इन खास पौधों की खेती करके उनको ऑफलाइन व ऑनलाइन बेचा जा सकता है।  इसके अलावा योगा से लाभ उठाने वाले अनेक देश हैं, जहां पर योगा के ग्राहक तो बहुत हैं लेकिन स्वस्थ रहने के लिए आश्यक पौधे उनको उपलब्ध नहीं हो पाते हैं। ऐसे देशों व ऐसे ग्राहकों को सर्च करके आप अपना बिजनेस शुरू कर सकते हैं। इसके लिए आपको कई तरह की खास तैयारियां करनी पड़ेंगी। किसी प्रकार के बिजनेस में कई तरह की तैयारियां व मेहनत तो करनी ही पड़ती है। इसलिये आपको धैर्य के साथ मेहनत करनी होगी। इसका लाभ आपको अवश्य ही मिलेगा। स्वास्थ्य से जुड़ा ये ऐसा सदाबहार बिजनेस है कि जब तक इंसान को स्वस्थ और फिट रहना है तब तक आपका बिजनेस चलता ही रहेगा।

4. योगा क्लासेज

कॉलेज, स्कूलों व विद्यालयों की डिमांड के अनुसार योगा क्लासेज दे सकते हैं। वहां से आपको एक सीमित आय मिलेगी लेकिन वहां से आपको ग्राहकों की संख्या काफी मिल सकती है। योगा का प्रचार अधिक होगा। इसका लाभ आपको बाद में मिल सकता है। आप कॉलेज, स्कूलों व विद्यालयों से बाहर क्लासेज शुरू कर सकते हैं। इससे आपको अच्छी खासी प्रसिद्धि यानी पब्लिसिटी मिलेगी साथ ही आपको बिजनेस भी मिलेगा। उससे आपकी कमाई में भी काफी अधिक इजाफा भी होगा।

5. ऑनलाइन योगा क्लासेज

एक योगा ट्रेनर को आज के जमाने की ऑनलाइन टेक नीक अवश्य सीखनी चाहिये। क्योंकि आज के जमाने में प्रत्येक व्यक्ति को ऑनलाइन सुविधाएं लेने की आदत सी पड़ गयी है। कुछ लोग शौक में, कुछ लोग आदत के अनुसार, तो कुछ लोग मजबूरी में ऑनलाइन क्लासेज की डिमांड करते हैं। आपको उनकी इस डिमांड का लाभ लेते हुए अपना बिजनेस शुरू करना चाहिये। एक बार आपका बिजनेस हिट कर गया तो फिर आप अपने घर से ये बिजनेस शुरू करके अच्छी कमाई कर सकते हैं।

6. जड़ी-बूटी यानी हर्बल उत्पादों का बिजनेस

योगा सेक्टर में हर्बल यानी जड़ी-बूटी और आयुर्वेद दोनों ही तरह की उपचार पद्धति का इस्तेमाल किया जाता है। इससे लोगों को काफी लाभ भी मिलता है। लोग इस तरह की उपचार पद्धति पर विश्वास भी करते हैं। अधिकांश लोग इसे योगा सेक्टर का प्रमुख अंग मानते हैं या यूं कहें कि लोग इस तरह की पद्धतियों को योगा उपचार ही मानते हैं। इस तरह का बिजनेस जड़ी-बूटियों को कूट-पीस व अन्य तरह से शोधन करके उनसे दवाएं तैयार की जातीं हैं। खास बात यह है ये जड़ी बूटियां हर जगह नहीं मिलतीं हैं। इसके लिए ग्राहक को एक खास जगह से ही मंगाना पड़ता है। उसके लिए आपको थोड़ा सर्च करना होगा और आपके क्षेत्र में उपलब्ध जड़ी बूटियों की डिमांड अच्छी है और आपको उनके बारे में अच्छी जानकारी है और उनसे दवाएं बनाने का भी अनुभव है तो यह बिजनेस आपके लिए सोने पर सुहागा साबित होगा। इससे आप बहुत अच्छी कमाई कर सकते हैं।

7. योगा ब्लाग राइटिंग

आप लोगों को योगा के प्रति प्रेरित करने के लिए अपना ब्लाग शुरू करके उसमें योगा की महत्वपूर्ण जानकारियों को पोस्ट करके अच्छी कमायी कर सकते हैं। यदि आपका ब्लाक अपने प्रयासों से हिट हो जाता है। उसके व्यूअर्स बढ़ते हैं तो आपको योगा व्यवसाय ये जुड़ी कंपनियां महंगे-महंगे दामों पर अपने विज्ञापन दे सकतीं हैं। इससे आपको घर बैठे अच्छी कमाई हो सकती है।

8. योगा टूरिज्म प्रोग्राम का बिजनेस

यह काम भी बहुत ही अच्छा लाभ देने वाला काम है। विभिन्न देशों में योगा से जुड़े कार्यक्रम आयोजित होते रहते हैं। उनका प्रचार विश्व स्तर पर होता है। इससे अनेक देशों के योगा प्रेमी इस तरह के कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए उत्सुक रहते हैं। यदि ऐसे कार्यक्रम आयोजित किये जायें और उसमें भाग लेने वाले ग्राहकों के आने-जाने, ठहरने, खाने, व प्रमुख योगा संस्थानों का भ्रमण कराने आदि का पूरा प्रबंध किया जाये तो आपको काफी लाभ मिल सकता है। इसके अलावा विदेशी टूरिस्टों के आने के सीजन के समय इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करने से भी काफी अधिक लाभ मिल सकता है।

9. योगा वियर यानी योगा वस्त्रों का बिजनेस

जब पूरे विश्व में योगा की डिमांड बढ़ने लगी है तो तरह-तरह का बिजनेस करने वालों की भी बाढ़ सी आ गयी। इसमें योगा वियर यानी योगासनों के अभ्यास के दौरान पहनने वाले खास तरह के कपड़ों को ईजाद किया गया है। इन कपड़ों का विश्व स्तर पर ग्राहकों के बीच जमकर प्रचार-प्रसार किया गया है। इस बिजनेस में अनेक बड़ी-बड़ी कंपनियां और विशेषज्ञ भी कूद पड़े। इसका असर यह हुआ कि लोगों में योगा वियर पहनने का एक तरह का ट्रेंड यानी प्रचलन सा चल गया। विश्व के तमाम देशों की तरह भारत के अभिजात्य वर्ग पर भी योगा वियर का बहुत अच्छा प्रभाव पड़ा। इस तरह से यह बिजनेस भी काफी तेजी से चलने वाला है। इस बिजनेस को भी कई तरह से किया जा सकता है।

  • पहली तरह से आप इस बिजनेस को यूं कर सकते हैं कि खुद ही योगा वियर के प्रोडक्ट बनायें और उनको ऑफलाइन व ऑनलाइन बेचें
  • दूसरे तरह का बिजनेस इस तरह से किया जा सकता है कि आप किसी नामी-गिरामी कंपनी की फ्रेंचाइजी लें और थोक व फुटकर बेचें3.तीसरी तरह का बिजनेस यह है कि आप थोक मार्केट से माल खरीद कर मेन मार्केट में या शॉपिंग मॉल में अथवा जहां सुविधाजनक हो वहां शोरूम खोल कर योगा वियर का बिजनेस कर सकते हैं।

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