जानिए कैसे खोल सकते हैं गैस एजेंसी

किन तरीकों से आप बन सकते हैं गैस एजेंसी के मालिक

बिजनेस के लिए अलग-अलग तरह के अवसर खोज रहे लोगों के लिए यूं तो कई ऑप्शन है लेकिन गैस एजेंसी उनके लिए एक बेहतर विकल्प बन सकता है, दरअसल इस वक्त बहुत से लोग हैं जो अपनी नौकरी से परेशान हैं वो खुद का कुछ काम खोलना चाहते हैं अपने दम पर कुछ करना चाहते हैं। और वो सोच रहे हैं कि ऐसे में काम ढूंढे जिसमें “हींग लगे ना फिटकरी और रंग चोखो” वाली बात हो। य़ानि जिसमें फायदा ही फायदा हो तो ऐसे में गैंस एजेंसी खोलना आपके लिए बेस्ट ऑप्शन हो सकता है। आपको करना बस इतना है कि आपको एजेंसी की डीलरशिप अपने नाम करवानी है । गैस एजेंसी का काम ऐसा जिसमें दिन ब दिन बढ़ोत्तरी ही हो रही है और ऊपर से ये एक ऐसी डिमांड है जो कभी कम हो ही नहीं सकती। ऐसे में ये बिजनेस आपके लिए करोड़ों के फायदे का सौदा बन सकता है। तो आपको क्या करना कैसे करना है इन सारे सवालों के जवाब आपको यहां मिलेगें। आप कैसे, कब और कहां खोल सकते हैं गैसे एजेंसी, किसको कितनी कीतना शुल्क देना पड़ता है, और कितना पैसा निवेश करके आप बन सकते हैं एक गैसे एजेंसी के मालिक,  इन सारे सवालों के जवाब यहां मिलेगें।

क्या है गैस एजेंसी ?

गैस एजेंसी वो हैं जो आपके घरों तक गैस सिलेंडर पहुंचाती है, जिसमें एलपीजी गैस होती  है जो घरों में खाना पकाने के काम आती है। इन सिलेंडरों को लोगों तक पहुंचाना और खाली सिलेंडरों को भरवाने का काम गैस एजेंसी करती है। ये बहुत ही जिम्मेदारी का काम है क्योंकि इसमें लोगों की सुरक्षा का भी सवाल होता है। सुरक्षा इस काम में सबसे ऊपर आती है।बड़ी-बड़ी ऑयल कम्पनियां लोगों को गैस देने का काम करती हैं इसके लिए कस्टमर और कम्पनी के बीच काम करते हैं एजेंसी डीलर, एजेंसी डीलर गैसे कम्पनियों से गैसे लेकर ग्राहकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। ये काम अपने आप में काफी जिम्मेदारी भरा काम है, जहां लोगों को अच्छी सर्विस चाहिए तो वहीं कम्पनी वालों को अपनी सालों से बनाई गुडविल को कमाए रखना होता है, इसलिए कम्पनी हर किसी को अपने गैसे की एजेंसी अलॉट नहीं करती बल्कि पहले वो अच्छे से जानकारी जुटाती है और एजेंसी खरीदने सारी खबर लेती है उसके बाद ही वो अपनी कम्पनी की सर्विस के लिए उसे चुनती है।

भारत की गैसे एजेंसियां

  • भारत गैस (BHARAT GAS )
  • इण्डेन गैस (INDANE GAS)
  • एचपी (HP GAS)

1. कैसे लें गैस एजेंसी ?

गैस एजेंसी की डीलरशिप लेना कोई मुश्किल बात नहीं बस आपके पास निवेश करने के लिए अच्छा खासा पैसा होना चाहिए । एजेंसी लेने का प्रोसेस है जिसे आपको फोलो करना पड़ता है उसी के बाद आप एजेंसी के मालिक बन सकते हैं, गैस कम्पनियां भी नई जगह पर खुलने वाली गैस एजेंसियों का पूरा सहयोग करती है और उन्हें इस बिजनेस में आने का मौका देती है बशर्ते उनकी रखी गई सारी शर्तों को आप पूरा कर सकें ।

2. गैस एजेंसी लेने के लिए कौन-कौन सी विशेषताएं होनी चाहिए?

1. सबसे पहले तो डीलरशिप लेने वाला व्यक्ति भारतीय होना चाहिए, भारतीय नागरिकता इस बिजनेस के लिए सबसे जरूरी है।

2. अगर आप एजेंसी के मालिक बनना चाहते हैं तो कम से कम आपने 10वीं तक अपनी पढ़ाई पूरी की हो।

3. गैस एजेंसी का मालिक स्त्री या पुरुष कोई भी बन सकता है।

4. इसके लिए आयु सीमा भी निर्धारित की गई है एजेंसी का मालिक बनने के लिए आपकी आयु  कम से कम 21 साल  और अधिक से अधिक 60 साल तक होनी चाहिए।

5. अगर आप एजेंसी शुरू करने की सोच रहे हैं तो आपको एक अच्छी छवि का इंसान होने की ज़रूरत है लिहाजा आपके ऊपर किसी भी तरह का कोई पुलिस केस नहीं होना चाहिए, आपका की क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए।

6. इसके अलावा आवेदन रखने वाले व्यक्ति के घर का कोई सदस्य किसी भी ऑयल कम्पनी में कार्यरत नहीं होना चाहिए।

7. आवेदन करने से पहले आपको गोदाम की व्यवस्था करनी अनिवार्य है

3. कैसे करें आवेदन?

सबसे पहले तो आपको ये तय करना होगा कि आप किसी कम्पनी के लिए काम करना चाहते हैं एचपी, इण्डेन और भारत तीनों कम्पनियों से किसी एक चुनाव करें। इसके बाद इन कम्पनियों द्वारा एजेंसी के लिए एप्लाई करने के लिए विज्ञापन निकाले जाते हैं। आपको उन विज्ञापनों को इंतजार करना होगा, और उनके निकलते ही आवेदन करना होगा। इस तरह के विज्ञापन कम्पनियां अपनी ऑफिशियल वेबसाइट या समाचार पत्रों में निकालती है। आजकल ज्यादातर एजेंसियां ऑनलाइन आवेदन ही निकालती है जिसके लिए आप भी ऑन लाइन आवेदन भर सकते हैं ।

ऑनलाइन एप्लाई करने के तरीकें -

  • सबसे पहले तो उस कम्पनी के वेबसाइट पर जाएं जिस कम्पनी के साथ आप काम करना चाहते हैं।
  • कम्पनी की वेबसाइट पर जाकर खुद को रजिस्टर करें, अपनी ईमेल आईडी और फोन नंबर साइट पर डालें।
  • साइट आपकी दी गई जानकारी को वैरिफाई करेगी जिसके लिए वो आपके फोन नंबर पर एक ओटीपी भेजती है उसे आप वैरिफाई करें।
  • जैसे ही आपका नंबर और दी गई जानकारी वैरीफाई होती है वैसे ही आपका एक एकाउंट साइट पर बन जाता है और उसी पर एक आवेदन पत्र उपलब्ध होती है।
  • इस तरह के आवेदन के लिए आपको शुल्क भी चुकाना पड़ता है, जिसके लिए साइट पर एक लिंक मौजूद होता है ।

4. आवेदन के लिए किसको कितना शुल्क चुकाना पड़ता है?

आवेदन करते वक्त आपको शुल्क चुकाना पड़ता है और इस शुल्क में अलग-अलग कैटगरी है । आवेदन करते वक्त भरे गए पैसे वापस नहीं किए जाते। इसलिए आपको ये पहले ही जान लेना चाहिए कि आवेदन पत्र को भरते समय आपको कितने पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं।

शहरों के लिए -

  • जनरल कैटगरी में आवेदन करने वाले व्यक्ति को आवेदन में 10 हजार रुपए की राशि भरनी पड़ता है
  • अगर आप ओबीसी कैटगरी से आवेदन करते हैं तो आपको आधे यानि कि 5 हजार रुपये की राशि भरनी होगी।
  • अगर आप एसटी/एससी कैटगरी में आते हैं तो आपके लिए ये राशि और भी कम हो जाएगी आपको फिर सिर्फ 3 हजार रूपये देने होगें।

गांवों के लिए -

  • अगर ग्रामीण इलाकों में गैस एजेंसी लेना चाहते हैं और आप जनरल कैटगरी में आते हैं तो आपको 8 हजार रुपये का शुल्क चुकाना पड़ेगा।
  • वहीं ओबीसी कैटगरी के लोगों के लिए ये शुल्क आधा यानि की 4 हजार रूपये हो जाएगा।
  • एसटी/एससी कैटगरी के लिए आवेदन शुल्क 2500 रूपये रखा गया है ।

5. एजेंसी के लिए लगता है सिक्योरिटी डिपोजिट

एजेंसी खोलने के लिए आपको सिक्योरिटी डिपोजिट भी जमा करवाना पड़ता है, इसी लिए एजेंसी को बड़े निवेश का बिजनेस माना जाता है ये सिक्योरिटी अमाउंट किसी भी हालत में आपको वापस नहीं मिलता। शहरों में डीलरशिप लेने के लिए आपको 5 लाख रूपये सिक्योरिटी के तौर पर जमा करवाने पड़ते हैं। वहीं अगर आप ग्रामीण इलाकों में एजेंसी खोलना चाहते हैं तो उसके लिए आपको 4 लाख रूपये सिक्योरिटी के तौर पर जमा करवाने पड़ेगें।

इन बातों का रखें खास ख्याल

  • अगर आप गैसे एजेंसी खोलने का सपना देखते हैं और चाहते है कि आपका ये सपना साकार हो जाए तो इसके लिए आपको 17 लाख रूपये का निवेश करना होगा।
  • आवेदन पत्र भरते समय रखें खास ध्यान, जब भी आवेदन पत्र भरें तो उसको पहले अच्छे से पड़ लें किसी भी जानकारी पूरी संतुष्टी करने लेने के बाद ही भरें।
  • एक व्यक्ति एक ही राज्य के अलग-अलग शहरों में भी डीलरशिप ले सकता है लेकिन उसे हर एजेंसी के लिए अलग-अलग पैसे देने पड़ेगें।
  • अपने आवेदन फॉर्म को अच्छे से भरें, और सेव करके अपने पास रख लें और आखिरी तारीक से पहले उसे समिट कर दें।
  • ऑनलाइन आवेदन करते समय आपको फॉर्म पर फोटो और साइन भी करने पड़ते हैं तो पहले ही इसके लिए भी व्यवस्था कर के रखें।

अक्सर हम सोचते हैं कि हम कोई ऐसा बिजनेस खोलें जो कभी बंद ना, ना ही उसकी बिक्री में कोई कमी आए तो ऐसा सोचने वालों के लिए गैसे एजेंसी का बिजनेस एकदम सही अप्शन है, क्योंकि गैस की डिमांड कभी खत्म नहीं होती बल्कि लोग एक सिलेंडर के खत्म होने से पहले दूसरा भरवा कर रख लेते हैं। ये ऐसे बिजनेस में से एक है जिसमें हमेशा ही बिजनेस बढ़ता है, हालांकि इस काम को शुरू करते समय आपको थोड़े ज्यादा पैसों का निवेश करना पड़ता है लेकिन एक बार अगर आपने एजेंसी खोली ली तो जल्दी  ही आप अपनी लागत भी वसूल लेते हैं। कई लोगो ऐसे होते हैं जो बिजनेस तो करना चाहते हैं लेकिन कई बार पढ़ाई लिखाई भी उनके आड़े आने लगती है तो ऐसे में गैस एजेंसी के बिजनेस में आप कम पढ़ाई लिखाई से काम चला सकते हैं। क्योंकि इसमें जितनी लिखत-पढ़त की जाती है उतनी एक 10वीं पास व्यक्ति आराम से कर सकता है।

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