कैसे करें गिफ़्ट शॉप की शुरुआत?

लागत, मुनाफ़ा, सही जगह का चुनाव और अन्य जानकारियां

कहते हैं तोहफ़ा (Gifts) किसी भी रिश्ते की बुनियाद को मजबूत करता है. पति-पत्नी, भाई-बहन या फिर गर्लफ़्रेंड-बॉयफ़्रेंड रिश्ता कोई भी हो, गिफ़्ट की ज़रूरत हर कहीं भी हो. हिंदुस्तान हर्ष-उल्लास वाला देश है. यहां तीज-त्योहार, शादी-ब्याह और बर्थ-डे वगैरह बिना गिफ़्ट के अधूरे माने जाते हैं. आज कल तो लोग बिना त्योहार के भी तोहफ़े देते रहते हैं.

कुल मिला कर तोहफ़ा ख़ुशियां दोगुना करने का ज़रिया होता है. इसलिये आज कल गिफ़्ट शॉप पर हमेशा भीड़ दिखाई देती है. यही नहीं, अब तो हर गली-मोहल्ले में कई गिफ़्ट शॉप खुली हुई दिख जाती हैं. बाज़ार में तोहफ़े की बढ़ती मांग को देखते हुए अब ज़्यादातर लोग इस व्यापार में अपना करियर बनाने लगे हैं. गिफ़्ट के बढ़ते व्यापार को देखते हुए अगर आप भी इसका बिज़नेस खोलने का प्लान कर रहे हैं, तो बिल्कुल सही ट्रैक पर हैं आप.

हांलाकि, ट्रैक तब सही साबित होगा, जब आप जब आप इसे सही प्रक्रिया में शुरू करेंगे. अगर व्यापार की बुनियाद ही ग़लत हो, तो व्यापार में कभी सफ़लता नहीं मिलती. इसलिये ये बेहद आवश्यक है कि आपके बिज़नेस की शुरूआत एकदम सही हो. अब सोच रहे होंगे कि बिज़नेस की सही शुरूआत क्या है और इसे कैसे स्टार्ट करें. धैर्य रखिये आपके सभी सवालों का जवाब है हमारे पास.

आइये जानते हैं कि गिफ़्ट शाप की शुरुआत कैसे करें? लागत, मुनाफ़ा, सही जगह का चुनाव सहित जानिये कई अन्य जानकारियां.

क्या होती गिफ़्ट शॉपय़?

वैसे तो आप सभी जानते हैं कि गिफ़्ट शॉप किसे कहते हैं, पर भी हम बताना चाहेंगे कि गिफ़्ट की दुकान क्या होती है. गिफ़्ट शॉप वो ख़ास जगह होती है, जहां आपको कई तरीक़े के बेहतरीन आइट्म्स देखने को मिल जायेंगे.

इन आइट्म्स को आप अपने प्रियजनों को देने के लिये ख़रीद सकते हैं. आज कल बहुत से कस्टमाइज़ तोहफ़े भी बनाये जाते हैं. जैसे कप, कुशन कवर, मोबाइल कवर आदि.

आप अपनी पसंद अनुसार इन गिफ्ट्स को पैक करा दोस्तों और रिश्तेदारों को दे सकते हैं.

कैसे खोलें गिफ़्ट शॉप?

गिफ़्ट शॉप खोलने से पहले आपको बहुत सी चीज़ों की प्लानिंग करनी होगी. एक अच्छी प्लानिंग करके ही आप मुनाफ़े वाली शॉप खोल सकते हैं. चलिये जानते हैं कि शॉप खोलने से पहले आपको कुछ चीज़ों पर ध्यान देना होगा. जैसे कि ये

1. गिफ़्ट आइट्म्स कहां से लिये जायेंगे.

2. बिज़नेस (Business) में कितने रुपयों का निवेश करना होगा.

3. व्यापार से लभा कितना मिलेगा.

4. दुकान के लिये लाइसेंस लेना होगा.

5. श़ॉप की मार्केटिंग कैसे करेंगे.

6. शॉप कहां खुलेगी.

दुकान (Shop) खोलने से पहले आप इन सभी चीज़ों को लेकर विचार करें. सब कुछ जानने समझने के बाद गिफ़्ट की दुकान खोली जा सकती है. गिफ़्ट अगर ढंग से चलाई जाये, तो इसमें एक अच्छा मुनाफ़ा कमाया जा सकता है.

गिफ़्ट आइटम का चयन कैसे करें?

गिफ़्ट शॉप खोलने से पहले तय करें कि आपको कॉर्पोरेट तोहफ़े की दुकान खोलना चाहते हैं या पर्सनल गिफ़्ट आइटम्स की. याद रखें कि अगर आपकी शॉप कॉर्पोरेट स्थान पर खोलेंगे, तो गिफ़्ट्स उसी हिसाब से होने चाहिये.

अगर आप दुकान स्थानीय लोगों के हिसाब से खोलना चाहते हैं, तो तोहफ़े उसी हिसाब लें. कुल मिला कर आप लोगों की ज़रूरतें और उनकी चॉइस के मुताबिक दुकान खोलें, तो व्यापार सफ़ल बना पायेंगे.

कहां से ख़रीद सकतें हैं तोहफ़े?

सबसे बड़ा सवाल है कि ग्राहकों (Coustmers) को बेचने के लिये आप तोहफ़े लायेंगे कैसे? तो जी ऐसा है कि दुकान के लिये तोहफ़े आप थोक विक्रेताओं से ले सकते हैं. थोक विक्रेता से बातचीत करके आप थोक भाव आइटम्स लेकर दुकान की शोभा बढ़ सकते हैं.

थोक विक्रेताओं से गिफ़्ट लेने से आपका मुनाफ़ा (Profit) ज़्यादा होता है.

कैसे करें लोकेशन का चुनाव?

देखिये किसी भी व्यापार में लोकेशन (Location) काफ़ी महत्व रखती है. अगर आप किसी ऐसी लोकेशन पर शॉप खोलते हैं, जहां के लोग गिफ़्ट के लेन-देन में यकीन नहीं रखते, तो वहां दुकान खोलने का कोई फ़ायदा नहीं है.

अगर आप मार्केट के बीचो-बीच दुकान खोलते हैं, उसके चलने की ज़्यादा संभावना होती है. मार्केट वाली जगह पर लोगों का आना-जाना लगा रहता है. ऐसे में लोग वहां से कुछ न कुछ ख़रीदेंगे ही.

अच्छा होगा कि अगर आप दुकान की लोकेशन स्कूल-कॉलेज या फिर कॉर्पोरेट ऑफ़िस के पास खोलें, ताकि आते-जाते लोग आपकी दुकान से कुछ ले पायें.

गिफ़्ट स्टोर खोलने में आयेगी कितनी लागत?

देखिये बिज़नेस कोई भी हो. पैसे तो लगने ही लगने हैं. ठीक यही गिफ़्ट स्टोर के साथ भी है. दुकान खोलने से पहले दुकान में लगने वाला निवेश तय करें, ताकि आने वाले समय में किसी तरह की तकलीफ़ न हो.

एक छोटी से छोटी शॉप के लिये इस व्यापार में कम से कम 2 लाख रुपये की लागत आयेगी. ये पैसे स्टोर को मिला कर बतायेंगे, जिसमें महंगे गिफ़्ट आइटम भी शामिल है.

अगर आपके पास व्यापार में निवेश करने के लिये ज़रूरतभर पैसे नहीं हैं, तो इसके लिये आप किसी इंवेस्टर को भी ढूंढ सकते हैं. अगर आपको इंवेस्टर नहीं मिलता है, तो बैंक से लोन भी ले सकते हैं.

शॉप का रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस

अगर आप व्यापार की शुरूआत छोटे स्तर पर करने जा रहे हैं, तो आपको किसी तरह के लाइसेंस या रिजेस्ट्रेशन की ज़रूरत नहीं है.

वहीं अगर व्यापार का स्तर थोड़ा बढ़ा है, तो आपको स्थानीय अधिकरारियों से दुकान का लाइसेंस प्राप्त करना होगा. इसके साथ ही इसे रजिस्टर कराना होगा. लाइसेंस मिलने के बाद ही आप दुकान की शुरूआत कर सकते हैं.

कैसे होगी गिफ्ट की पैकेजिंग?

कई दुकानों में गिफ़्ट के पैकेजिंग की सुविधा नहीं होती है. हांलाकि, आज कल अधिकतर दुकानदार पैकेजिंग पर फ़ोकस करने लगे हैं. इसलिये अगर आप शॉप पर गिफ़्ट पैकेजिंग की सर्विस देते हैं, तो ग्राहक आपके यहां ही आयेंगे.

अगर पैकेजिंग स्टाइलिश कर रहे हैं, तो फिर उसके लिये कस्टमर से भी चार्ज कर सकते हैं. पैकेजिंग के लिये आप किसी लड़के या लड़की को भी काम पर रख सकते हैं. इनका वेतन फ़िक्स करें या फिर हर दिन के हिसाब से भी पे किया जा सकता है.

दुकान की मार्केटिंग

आज कल मार्केटिंग के बिना अच्छे व्यापार की उम्मीद नहीं की जा सकती है. इसलिये आवश्यक है कि दुकान की मार्केटिंग अच्छे से की जाये, ताकि वहां रोज़ आने वाले ग्राहकों की संख्या बढ़ती जाये.

घर-घर अपनी दुकान की जानकारी लोगों तक पहुंचायें. दुकान की मार्केटिंग कई तरह से की जा सकती है. मार्केटिंग का ज़रिया न्यूज़ चैनल, रेडियो, अख़बार या फिर सोशल मीडिया हो सकता है.

आज के दौर में सोशल मीडिया भी लोगों के व्यापार में अहम रोल निभा रहा है. सोशल मीडिया के ज़रिये दुकान का प्रचार करिये. सोशल मीडिया के माध्यम से आप कुछ समय में ही कई लोगों को अपनी शॉप की जानकारी दे सकते हैं.

व्यापार में कितना प्रॉफ़िट होता है?

मॉर्डन ज़माने को देखते हुए इस व्यापार में काफ़ी मुनाफ़ा है. बाज़ार में गिफ़्ट्स स्टोर की मांग बढ़ती जा रही है. गिफ़्ट प्राइस के साथ-साथ आपको पैकेजिंग के पैसे भी मिलते हैं.

इस तरीक़े से देखा जाये, तो एक छोटी सी दुकान से आप महीने भर में आप कम से कम 50 से 70 हज़ार रुपये कमा सकते हैं. अगर प्लानिंग काम करी, तो ये इनकम आगे चल कर लाखों में बदल सकती है.

व्यापार में नुकसान की कितनी संभावना है?

देखिये वैसे तो ये व्यापार काफ़ी मुनाफ़े वाला है, लेकिन कभी-कबार महंगे तोहफ़े सफ़ाई करते वक्त या फिर उठाते-रखते गिर जाते हैं. अगर गिफ़्ट टूट गया है, तो मतलब वो काम का नहीं रहा.

बस इसी वजह से दुकानदार को नुकसान का सामना करना पड़ जाता है. बाक़ी वहां मुनाफ़ा इस बात पर निर्भर करता है कि महीने में आपने कितने की सेल्स की है.

इन बातों का भी ध्यान रखें

1. शॉप पर यूनिक गिफ्ट्स रखें.

2. ग्राहकों से अच्छे संबंध बनायें.

3. मार्केटिंग स्किल्स अच्छी होनी चाहिये.

4. माउथ पब्लिसिटी करें.

5. फिक्सड प्राइस शॉप का टैग दें.

6. उधार की नगदी पर व्यापार करें.

7. आस-पास के प्रतिद्विंदी पर नज़र रखें.

8. मार्केट में रिसर्च जारी रखें.

9. क्या नया आया-गया पता होना चाहिये.

10. तुरंत मुनाफ़े की उम्मीद न रखें.

इन सारी चीज़ों के अलावा ज़रूरी बाता ये भी की है कि व्यापार में प्लान ए होने के साथ-साथ प्लान बी भी होना चाहिये. ताकि अगर प्लान ए काम न करें, तो प्लान बी पर उतरा जा सके.

सम्मेलन में करें दुकान का प्रचार

हर शहर में तीज़-त्योहार पर कई सम्मेलन होते हैं. इन सम्मेलन में जा कर आप अपनी दुकान की जानकारी दे सकते हैं. जितने लोगों तक शॉप की जानकारी पहुंचेगी, बिक्री उतनी ही ज़्यादा होगी.

कुल मिलाकर मार्केटिंग और सेल्स के लिये आपको खू़ब मेहनत करनी होगी. अगर बुनियादी ढांचा तैयार करते समय आप दुकान पर मेहनत करेंगे, तो आगे जाकर आपको उतना ही अच्छा फल मिलेगा.

इन सारी चीज़ों के साथ-साथ आप ऑनलाइन स्टोर भी खोल सकते हैं. या फिर ई-कॉमर्स वेबसाइट्स के साथ संपर्क करके वहां अपने गिफ़्ट्स आटइम्स बेच सकते हैं.

इस तरह से आप एक समय में डबल मुनाफ़ा कमा सकते हैं. एक तरफ़ स्टोर पर सेल और दूसरी ऑनलाइन सेल मतलब पैसा ही पैसा.

याद रहे कि बिज़नेस शुरू करते ही किसी को मुनाफ़ा नहीं होता है. बिज़नेस खड़ा करने के लिये मेहनत करनी होती है. अगर मेहनत करेंगे, तो फल मिलेगा.

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