इंटीरियर डिज़ाइनर का बिजनेस कैसे शुरू करें?

लागत, मुनाफा, सही जगह का चुनाव और अन्य जानकारियां

इंटीरियर डिजाइनिंग व्यवसाय को समझने से पहले आपको जानना होगा कि आखिरकार एक इंटीरियर डिज़ाइनर होता क्या है, यह वह व्यक्ति होता है जो कि अपनी क्रिएटिविटी, कौशल और ज्ञान के आधार पर किसी स्थान को दूसरे स्वरूप में परिवर्तित कर देता है। अर्थात उस स्थान को खराब दिखने वाले स्थान से अच्छा दिखने वाला और आंखों को लुभाने वाला स्थान के रूप में परिवर्तित कर देता है।

आपने कई बार यूट्यूब वीडियो देखते हुए एक चीज नोटिस की होगी कि, वीडियो बनाने वाले क्रिएटर के पीछे एक बहुत ही खूबसूरत बैकग्राउंड लगा होता है। यह बैकग्राउंड मुख्यतया इंटीरियर डिजाइनर लोगों के द्वारा ही तैयार किया जाता है और इसके लिए वे अच्छी खासी फीस भी वसूल करते हैं,अलग-अलग स्तर की क्रिएटिविटी के लिए रेट कम या ज्यादा होता है।

हमेशा से ही खुद का व्यवसाय शुरू करना बहुत से लोगों का एक सपना होता है और वह सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक की नौकरी करने में विश्वास नहीं रखते है।आपके के ही आस पास ही के क्षेत्र में बहुत से ऐसे लोग पहले सफल हो चुके हैं,जो कि अपनी पेचीदा नौकरी को छोड़ कर खुद का व्यवसाय शुरू कर सफलता हासिल कर चुके हैं।

परंतु कई बार उनका यह कदम उनके लिए बैकफायर भी कर देता है,क्योंकि यह जरूरी नहीं है कि हर व्यवसाय में नई शुरुआत करने पर आपको सफलता मिलेगी ही, कई बार आपको बार-बार हार का सामना करना पड़ेगा परंतु फिर भी निरंतर दृढ़ता के साथ मेहनत करने पर आप अपनी सफलता तक पहुंचेंगे यह तो तय है।

आइए सबसे पहले जानते हैं इंटीरियर डिजाइनर बनने के लिए कुछ ऐसी इम्पोर्टेन्ट बातें जो कि आपके व्यवसाय में मदद करेगी :-

1.  यह तय करें कि आप कौन सी सेवा प्रदान करना चाहते हैं :-

यह बात तो आपने बहुत बार सुनी होगी कि किसी भी व्यवसाय को करने के लिए पहले एक बेहतर बिजनेस प्लान बनाना होता है, इसी प्रकार इस व्यवसाय में भी आप पहले से तय करें कि आप किस प्रकार की सेवा अपने कस्टमर तक पहुंचाना चाहते हैं।

कभी भी अधिक सेवाओं के साथ खुद को ना जोड़ें क्योंकि वह आपके काम में एफिशिएंसी को कम करता है।

यदि आप सिर्फ किचन और बाथरूम को ही डिजाइन करना जानते हैं तो आप उसी के अनुसार ग्राहक तक अपनी सेवाएं पहुंचाएं, जैसे कि अलग डिजाइनिंग के लिए 3D रेंडरिंग, मोड बोर्ड्स एंड प्लेट्स इत्यादि की सहायता डिजाइनिंग की जाती है।

2. हमेशा अपनी स्टाइल और विशेषताओं पर फोकस करें :-

यह बात ध्यान में रखें कि कोई भी व्यक्ति आज तक किसी भी व्यवसाय में बिल्कुल परफेक्ट नहीं हुआ है और वह अपनी गलतियों से ही सीखता रहता है।

आप में भी अपना एक विशेष गुण है,इस बात को ध्यान में रखते हुए उसी गुणवत्ता पर ज्यादा फोकस करें और आपकी उसी विशेषता को प्रमोट करें,जो कि आप दूसरे लोगों की तुलना में बेहतर कर सकते हैं।

3. टारगेट कस्टमर बेस :-

अपने टारगेट किये हुए कस्टमर बेस को हमेशा ध्यान में रखते हुए उनको पसंद आने वाली डिजाइनिंग को ही तवज्जो देवें, क्योंकि कई बार ऐसा होता है कि आप कितना भी बेहतरीन काम करें परंतु फिर भी लोगों को पसंद नहीं आता है इसलिए इसे एक बिजनेस के तौर पर लेवें, और यह तो आपको पता है कि बिजनेस का मकसद होता है मुनाफा कमाना।

4. बिजनेस नेम चुने और उसे रजिस्टर करवाएं :-

ऊपर बताये गए काम करने के बाद आप अपनी एजेंसी या फिर संस्था का एक नाम चुनकर उसे सोशल मीडिया के माध्यम से प्रमोट कर सकते हैं तथा इसे आपको अपने राज्य में स्थानीय सरकार के द्वारा बनाए गए कानूनों के तहत रजिस्टर भी करवाना होगा।

किसी भी व्यवसाय को शुरू करने से पहले सरकार के द्वारा जारी किए जाने वाले लाइसेंस और परमिट की आवश्यकताओं को पूरा कर ले, क्योंकि यह चीजें आपको कानूनी दांवपेच से बचाने में सहयोग करती है।

5. इंटरनेट की सहायता :-

इंटरनेट की सहायता से अपनी एक वेबसाइट बनाएं क्योंकि यह तो आप जानते ही है कि फिजिकल फॉर्म में लोगों तक पहुंचना इंटरनेट माध्यम की तुलना में कहीं अधिक कठिन होता है।

अपनी विशेषताओं को अपनी वेबसाइट पर दर्शाए तथा उसके साथ आपके द्वारा किए गए काम के कुछ सैंपल भी दिखाएं, जो कि आपकी वेबसाइट पर आने वाले लोगों को आपसे सेवा लेने के लिए मजबूर कर दे।

साथ ही अपनी वेबसाइट पर अपना एक पोर्टफोलियो बनाकर तैयार रखें, जिसमें आपने जिन बड़ी और छोटी कंपनियों के इंटीरियर डिजाइनर के तौर पर काम किया है, उसे भी साझा करें।

अपनी वेबसाइट पर ही आप एक साइड में अपनी रेट भी दर्शा सकते हैं, क्योंकि कई बार कुछ लोग सिर्फ साधारण इंटीरियर डिजाइनिंग करवाना चाहते हैं, उन्हें ज्यादा तड़क-भड़क और महंगी डिजाइनिंग की आवश्यकता नहीं होती है, इसलिए आप अपनी वेबसाइट पर ही अपनी रेट भी दर्शाए जिससे कि विजिट करने वाले लोग अपने बजट के अनुसार आपसे संपर्क कर सकें।

इसमें अलग काम के लिए अलग रेट होते हैं, जैसे कि हर घंटे की रेट, फिक्स रेट और प्रति स्क्वेयर फुट कॉस्ट।

वेबसाइट के अलावा आप एक ब्लॉग भी शुरू कर सकते हैं, जो कि आने वाले समय के नौजवान होती हुई युवा पीढ़ी के साथ आपके संपर्क को सुदृढ़ करेगा और आपको पता होना चाहिए कि आने वाली युवा पीढ़ी ही आपका एक नया टारगेट कस्टमर बेस भी होगा।

इस प्रकार हमने जाना इंटीरियर डिजाइनिंग व्यवसाय से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें, आइए अब हम जानते हैं इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए आपको कितने निवेश की जरूरत होगी और आप उस निवेश के आधार पर कितना मुनाफा कमा पाते हैं, आइए जानते हैं :-

लागत

इंटीरियर डिजाइनिंग व्यवसाय शुरू करने के लिए आपको बहुत ही थोड़े निवेश की आवश्यकता होगी परंतु आपके पास स्किल का होना बहुत जरूरी है, क्योंकि आप कम निवेश के साथ अपना एक छोटा व्यवसाय तो शुरू कर पाएंगे, लेकिन कम स्किल के साथ कभी भी उसे सफल नहीं बना पाएंगे।

इसलिए सबसे पहले अपनी स्किल को बेहतर बनाने पर फोकस करें।अलग-अलग क्षेत्रों में यह व्यवसाय शुरू करने की अलग-अलग लागत हो सकती है, क्योंकि मुख्यता इसकी लागत कच्चे माल पर निर्भर करती है।

यदि फिर भी एक बेस बनाकर चला जाये तो लगभग एक लाख रुपये से लेकर पांच लाख रुपये तक आप इस व्यवसाय में अपने पैर जमा सकते है।

मुनाफा

हाल ही में कुछ समय इंटरनेट पर लोकप्रिय हुई एक स्टोरी के बारे में तो आपने पढ़ा ही होगा (इसे आप एक लोकप्रिय वेबसाइट योर-स्टोरी पर जाकर पढ़ भी सकते हैं) ,जिसमें बताया गया है कि एक एंतरप्रेन्योर प्रदीप सिंघवी ने कैसे केवल 18 महीने में ही दो करोड़ से भी ज्यादा का मुनाफा कमाया और वह भी इंटीरियर डिजाइनिंग व्यवसाय के माध्यम से।

आप भी आसानी से कम लागत पर अच्छा खासा मुनाफा बना सकते हैं।

आप यह मानकर चलिए की शुरुआत में आपके पास एक महीने में केवल चार से पांच क्लाइंट ही आते हैं,परंतु आने वाले पांच से छह महीने में आपके पास लगभग दस से पन्द्रह क्लाइंट हर महीने आने लगेंगे और जितना बड़ा आपका व्यवसाय होता जाएगा उतनी ही बड़ी आपको एक टीम भी बनानी पड़ सकती है।

सौ स्क्वायर फीट के किचन या बाथरूम में इंटीरियर डिजाइनिंग करने की रेट लगभग पन्द्रह से बीस हज़ार रुपये होती है, जो की ग्राहक की मांग के अनुसार घटती और बढ़ती रहती है।

आप आसानी से चार से पांच क्लाइंट को सेवा प्रदान कर महीने का पचास से साठ हजार रुपये कमा सकते हैं परंतु यदि आप दस से पन्द्रह क्लाइंट को हर महीने बीस हजार रुपये प्रति क्लाइंट के हिसाब से भी चार्ज करेंगे तो आराम से दो से तीन लाख रुपये तक बना सकते हैं।

हालांकि इतनी बड़ी राशि मुनाफे की तौर पर कमाना कोई आसान काम नहीं है, इसके लिए आपको एक बेहतरीन स्किल के साथ लोगों तक बेहतरीन गुणवत्ता का काम भी पहुंचाना होगा।

सही जगह का चुनाव

एक बात तो आप जानते हैं कि ग्राहकों तक पहुंच बनाने के लिए आपको अपना एक ऑफिस बनाना होगा और ज्यादा फायदा इसी बात में है कि, आप अपना ऑफिस उसी इलाके में बनाए जहां पर आप आसानी से ग्राहकों तक पहुंच सकते हैं अर्थात जहां पर शहर का मुख्य मार्केट स्थित हो।

आप अपने बजट के हिसाब से छोटा या बड़ा साइज का ऑफिस बना सकते हैं परंतु फिर भी लगभग तीनसौ से पांचसौ स्क्वायर फीट के ऑफिस की आपको जरूरत होगी, क्योंकिऑफिस में आपके यहां आए हुए ग्राहकों को आपके द्वारा किए गए पिछले काम का सैंपल भी दिखाना होगा।

शुरुआत में आप भीड़भाड़ वाले इलाकों में अपना ऑफिस लगा सकते हैं, परंतु एक बार आपका इस व्यवसाय में पैर जमने के बाद आप इसे शहर के किसी कम ट्रैफिक वाले इलाके में भी लगा सकते हैं ,क्योंकि  आप के काम से प्रभावित होकर लोग बिना प्रमोशन के भी आपके शॉप तक पहुंच जाएंगे पर यह तभी होगा जब आप अपने ग्राहकों को अच्छी रेट पर अच्छा काम प्रदान कर पाएंगे।

इस प्रकार हमने जाना कि इस व्यवसाय को शुरू करने में आप कितनी लागत पर कितना मुनाफा कर पाएंगे और ऊपर बताई गई अभी जानकारियों का इस्तेमाल कर आप भी एक सफल इंटीरियर डिजाइनर बन सकते है।

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