उत्तर प्रदेश का फ़ेमस स्ट्रीट फूड और कैसे शुरू कर सकते हैं आप इसका बिजनेस भारत में कहीं भी?

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उत्तर प्रदेश का फ़ेमस स्ट्रीट फूड और कैसे शुरू कर सकते हैं आप इसका बिजनेस भारत में कहीं भी?

उतरी भारतीय क्षेत्र में स्थित उत्तर प्रदेश भारत का सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य है।क्या आपको पता है कि यदि उत्तर प्रदेश एक अलग देश होता तो जनसंख्या के मामले में यह विश्व का पांचवा सबसे बड़ा देश होता। उत्तर प्रदेश की स्थापना 1937 में यूनाइटेड प्रोविंसेस आफ आगरा एंड अवध के रूप में की गई थी, जिसे बाद में 1950 में नाम बदलकर उत्तर प्रदेश कर दिया गया। उत्तर प्रदेश में जनसंख्या के आधार पर ही लोकसभा और राज्यसभा में सर्वाधिक सीटें आवंटित की गई है।

क्या आपको जानते है कि उत्तर प्रदेश में इतनी जनसंख्या क्यों है, इसका मुख्य कारण है यहां का मैदानी क्षेत्र और यहां से गुजरने वाली दो बड़ी नदियां गंगा और यमुना, जो कि इलाहाबाद में त्रिवेणी संगम पर मिलती है।

कई दर्शनीय स्थलों जैसे कि ताजमहल, इलाहाबाद में कुंभ का मेला इत्यादि की वजह से उत्तर प्रदेश भारत के दूसरे राज्यों की तुलना में कहीं अधिक टूरिस्ट को आकर्षित करता है और इन्ही टूरिस्ट की सेवा के लिए आने वाले समय में उत्तर प्रदेश का स्ट्रीट फूड व्यवसाय और अधिक प्रगति करेगा।

वैसे तो उत्तर प्रदेश की राष्ट्रीय भाषा हिंदी है, परंतु यहां की स्थानीय लोग अवधी का सर्वाधिक इस्तेमाल करते हैं। दिल्ली से काफी नजदीक होने के कारण यहां पर टूरिस्ट को पहुंचने में भी कोई कठिनाई नहीं होती।

आपने इतिहास की किताबों में अशोक के बारे में तो पढ़ा ही होगा और आपने ज़रूर सारनाथ का नाम सुना होगा, सारनाथ का धमेक स्तूप (जहां पर गौतम बुद्ध ने पहली बार धर्म का ज्ञान दिया था) भी उत्तर प्रदेश में ही स्थित है।

धार्मिक प्रदेश के रूप से विख्यात उत्तर प्रदेश एन्सेन्ट इंडिया काल के दौरान भी अपनी अलग प्रकार की राजनीतिक विशेषताओं के कारण लोकप्रिय रहा था, अशोक जैसे महान शासक ने भी इस क्षेत्र में अपना शासन जमाया था।आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पहले उत्तर प्रदेश और बिहार एक ही राज्य हुआ करते थे।

भारत के कई लोकप्रिय धार्मिक स्थान जैसे कि वाराणसी, फतेहपुर सीकरी, सारनाथ, लखनऊ, मथुरा, वृंदावन आदि भी उत्तर प्रदेश में स्थित होने के कारण यहां पर धार्मिक लोगों की संख्या बहुत अधिक मिलती है।

इस प्रकार हमने जाना उत्तर प्रदेश की भौगोलिक संरचना और उसका कुछ इतिहास।

आइए अब हम बात करते हैं ऐसे कुछ स्ट्रीट फूड की जिनकी वजह से उत्तर प्रदेश का टूरिज्म काफी अधिक प्रभावित होता है, आइए जानते हैं:-

1. बाटी चोखा :-

दाल बाटी चूरमा का नाम तो आपने सुना ही होगा जो कि राजस्थान की एक लोकप्रिय डिश है, जैसी बाटी राजस्थान में बनाई जाती है उसी तरह की बाटी उत्तर प्रदेश में भी बनती है।

हालांकि राजस्थान की बाटी को हाथों से बनाया जाता है जिस कारण वह इतनी गोल नहीं हो पाती, जबकि इस बाटी में तलने के साथ साथ ही इसे एक उपकरण की सहायता से पूरी तरीके से गोल बनाया जाता है।

इसके साथ चोखा को मिलाकर रबड़ी और कढ़ी के साथ सर्व किया जाता है।

इसे एक पूरी थाली बनाने के लिए कई बार इसमें चावल और अलग-अलग प्रकार की सब्जियां भी साथ में पेश की जाती है।

2. पेड़ा :-

हालांकि वर्तमान समय में पेड़ा भारत के अन्य राज्यों में भी कई रेस्टोरेंट में बनता हुआ दिख जाएगा, परंतु मथुरा और वृंदावन का क्षेत्र जो कि केवल राधा और कृष्ण के टेंपल की वजह से ही नहीं बल्कि इस मिठाई की वजह से भी प्रसिद्ध है।

एक समय हुआ करता था जब यह पेड़ा पूरी तरीके से शुद्ध मावे से बनाया जाता था, जिसे दूध को गर्म करके प्राप्त किया जाता था, परंतु वर्तमान में रेस्टोरेंट मालिक अपना मुनाफा बताने के लिए मावे के साथ मिलावट करते हैं।

3. आगरा का पेठा :-

आपने अपने जीवन में कभी ना कभी आगरे का पेठा तो खाया ही होगा, इसे बनाने के लिए कद्दू का इस्तेमाल किया जाता है।

एक सफेद कद्दू को 2 से 3 दिन के लिए पानी शोखने के लिए रखा जाता है और अलग-अलग प्रकार की शुगर सिरप के साथ गर्म किया जाता है।

अलग स्वाद बनाने के लिए इसमें चॉकलेट और पिश्ता तथा केशर भी मिलाया जाता है।

4. कबाब :-

नवाबों के शहर में कबाब एक लोकप्रिय डिस के रूप में जाना जाता है। इसे मसाले के साथ तवे पर गर्म किया जाता है।यूपी के लोगों की अधिक मसाला खाने की आदत इसे और अधिक तीखा बना देती है।

5. मालपुआ :-

यह उत्तर प्रदेश में मेहमानों के स्वागत के दौरान सबसे ज्यादा मात्रा में इस्तेमाल की जाने वाली मिठाइयों में से एक हैं। इसको बनाने में मैदा का इस्तेमाल किया जाता है और अलग-अलग फ्लेवर के लिए शुगर मिलायी जाती है।

इसे चाट के साथ भी परोसा जाता है।

6. दम आलू :-

यह इस एरिया की सबसे लोकप्रिय डिश है, इसको बनाने के लिए और मैदा को तेल में पतली ग्रेवी के साथ मसाले की उपस्थिति में भुना जाता है।

यदि आप तीखा खाने के शौकीन है तो ज़रूर आपको एक बार यह डिश ट्राई करनी चाहिए।

7. बेदमी :-

वैसे तो यह एक तरह की पूरी ही होती है, जिसको बनाने के लिए उड़द की दाल और मसाले का इस्तेमाल किया जाता है।

इसे चटनी और करी के साथ सर्व किया जाता है।

8. रेवड़ी :-

सफेद तिलों की सहायता से बनाई जाने वाली यह डिश बहुत ही अधिक मीठी होती है।

यह डिश आपको हर गली में लगी हुई छोटी-छोटी स्टॉल पर भी देखने को मिल जाएगी।

मुख्यतया यह सर्दियों में बनाई जाती है ,इस डिश को स्वास्थ्य के लिए भी बहुत लाभप्रद माना जाता है क्योंकि इसमें उपस्थित तिल कई बीमारियों को दूर करते हैं।

9. कबाब पराठा :-

इस डिश का इस्तेमाल एक रॉयल डिश के तौर पर किया जाता है और वर्तमान समय में यह उत्तर प्रदेश की हर गली में लगी स्टॉल पर बनाते हुए दिख जाते हैं।

यदि आप शाम के समय उत्तर प्रदेश के किसी भी बड़े शहर में घूमने निकलेंगे तो आपको लोग कबाब पराठा खाते हुए दिखाई देंगे।

इसे वेज और नॉनवेज दोनों प्रकार से बनाया जाता है साथ ही ग्रीन चटनी के साथ सर्व किया जाता है।

10. बिरयानी :-

उत्तर प्रदेश की बिरयानी को नोन वेज पुलाव के नाम से जानते हैं, धार्मिक स्थल होने की वजह से आप यहां पर नॉनवेज इतना ज्यादा बनते हुए नहीं देख पाएंगे, परंतु फिर भी आप कई बड़े रेस्टोरेंट पर बिरयानी खाने का मजा ले सकते हैं।इसे भी एक रॉयल डिश माना जाता है।

11. कोफ्ता :-

इस डिश को बनाने के लिए आलू का इस्तेमाल किया जाता है तथा उसे एक अलग प्रकार की शेप देकर तेल में भूना जाता है, यह समोसे की जैसी ही डिश होती है।

12. फरा :-

यह डिश शायद ही आप भारत के किसी दूसरे इलाके में देख पाएंगे। चावल की फ्लेवर को उड़द और मूंग दाल की सहायता से भाप में गर्म करके इसको बनाया जाता है। यह हेल्दी और डिलीशियस दोनों प्रकार की होती है। लोग मुख्यता ऐसे स्नैक्स के रूप में इस्तेमाल करते हैं कई बार इसे तेल और घी में भी फ़्राई किया जाता है।

इस प्रकार हमने जाना उत्तर प्रदेश की कुछ ऐसी स्ट्रीट फूड जिन्हें आप अपनी ट्रिप के दौरान कम से कम एक बार ज़रूर इस्तेमाल करें।

अब हम जानते हैं की किस तरीके से आप भी उत्तर प्रदेश की ही स्ट्रीट फूड मार्केट की तर्ज पर भारत के किसी दूसरे क्षेत्र( या जिस क्षेत्र से आप आते हैं) पर भी अपना रेस्टोरेंट खोल सकते हैं, आइए जानते हैं :-

  • सबसे पहले रेस्टोरेंट खोलने के लिए आपको उत्तर प्रदेश के स्थानीय स्ट्रीट फूड के बारे में पूरी तरीके से जानकारी होनी चाहिए।
    इसकी जानकारी प्राप्त करने के लिए आप उत्तर प्रदेश के फूड डिपार्टमेंट की वेबसाइट पर जाकर लाइसेंस और अन्य चीजों की पूरी प्रक्रिया जान पाएंगे।
  • इसके साथ ही यदि आप उत्तर प्रदेश के अलावा किसी दूसरे शहर में अपनी स्ट्रीट फूड रेस्टोरेंट खोलना चाहते हैं तो आप अपने राज्य के  रेस्टोरेंट खोलने के प्रावधानों की पूरी तरीके से जानकारी जुटा ले।
  • इसके बाद आप उत्तर प्रदेश के स्थानीय रेस्टोरेंट में काम कर रहे हैं किसी व्यक्ति को अपने रेस्टोरेंट में काम पर लगा सकते हैं, हालांकि शुरुआत में आपका मुनाफा कम हो परंतु एक बार ग्राहकों का विश्वास जीतने के बाद आपके पास आने वाले ग्राहकों की संख्या निरंतर बढ़ती जाएगी।
  • आपके क्षेत्र में स्थिति किसी दूसरे राज्य के स्टेट फूड रेस्टोरेंट से सफलता के राज जानिए और आप यह पता लगाने की कोशिश करें कि किन कारणों की वजह से वह रेस्टोरेंट अधिक लोकप्रिय हैं।
  • वर्तमान समय में हुई इंटरनेट की पहुंच का फायदा उठाकर आप अपने स्वयं के रेस्टोरेंट की एक वेबसाइट बनाकर ऑनलाइन फूड डिलीवरी की सुविधा भी दे सकते हैं, इसके अलावा आप ग्राहकों को फीडबैक और कंप्लेंट की सुविधा भी दे सकते हैं जिससे कि आपके द्वारा की गई गलतियों का पता चले और आप उनमें सुधार कर अपनी रेस्टोरेंट की गुणवत्ता बढ़ा सकें।
  • आप अपने बजट को मद्देनजर रखते हुए अपने रेस्टोरेंट में नई प्रकार की सुविधायें दे सकते हैं जैसे कि ऑनलाइन पेमेंट मॉड।

इसके साथ ही आप एक आर्डर के साथ अपनी ही किसी दूसरी डिश का सैंपल भी दे सकते हैं।

इस प्रकार हमने जाना कि किस तरीके से आप उत्तर प्रदेश के स्थानीय स्ट्रीट फूड मार्केट की तर्ज पर ही हैं भारत के दूसरे क्षेत्र में भी अपना रेस्टोरेंट खोल सकते हैं और वहां पर रह रहे निवासियों को उत्तर प्रदेश की डिश का स्वादिष्ट स्वाद चखा सकते हैं।

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