जीएसटी पंजीकरण करने के फायदे

. 1 min read
जीएसटी पंजीकरण करने के फायदे

क्या है जीएसटी?

जीएसटी माल और सेवाओं के उपभोग पर लगने वाला कर है। माल के बनने से लेके उसके उपभोग तक में लगने वाले सभी चरणों का केवल एक कर है। पहले वैट के नाम पर कई प्रकार के अलग-अलग कर लगते थे जिसके कारण सामान का मूल्य बढ़ जाता था। जीएसटी लागू होने से सामान की कीमतों में कमी आएगी। जिससे ग्राहकों पर इसका भार कम पड़ेगा।

जीएसटी भारत सरकार के कार्यान्वयन से 1 जुलाई, 2017 से प्रभाव में आया। इस कर ने केंद्र और राज्य सरकार के मौजूदा करों को बदल दिया है। जीएसटी अलग-अलग उत्पादों पर 5%, 12%, 18% एवं 28% के रूप में लग रहा है।

जीएसटी 29 मार्च 2017 को संसद में पारित किया गया और यह भारत में 1 जुलाई 2017 से प्रभावी हो गया। जीएसटी के मानकों के अनुसार जीएसटी पंजीकरण और जीएसटी फाइल वही करेगा जो 40 लाख की माल का आपूर्तिकर्ता और 20 लाख सेवाओं के आपूर्तिकर्ता है।

ऑनलाइन जीएसटी पंजीकरण आसानी से जीएसटी पोर्टल पर ऑनलाइन जाकर कर सकते हैं। पंजीकरण करने के लिए यहाँ क्लिक करें।

जब आप जीएसटी की पंजीकरण वेबसाइट में जाते हैं तब वह फॉर्म ओपन होगा उस फॉर्म में मांगे गए सभी दस्तावेज अपने पास रखिये और सही जानकारी भरें। इसमें मांगे जाने वाले दस्तावेज हैं , बिज़नेस का पैन कार्ड नंबर, व्यवसायी का पैन कार्ड नंबर, ईमेल अड्रेस जिस पर वन टाइम पासवर्ड आएगा ईमेल वेरीफाई करने के लिए, मोबाइल नंबर रजिस्टर करना होगा उस पर भी वन टाइम पासवर्ड आएगा नंबर वेरीफाई के लिए। यूजर के नजर से देखा जाये तो जीएसटी ऑनलाइन पोर्टल पर फार्म भरना बहुत आसान है।

दस्तावेज की सूची आवश्यक जीएसटी पंजीकरण के लिए

स्वामित्व निजी मर्यादित भागीदारी / एलएलपी
मालिक का पैन कार्ड कंपनी का पैन कार्ड भागीदारी के पैन कार्ड
मालिक का आधार कार्ड सभी निदेशकों के आधार पार्टनर्स के आधार
बैंक विवरण बैंक विवरण बैंक विवरण
पते का सबूत पते का सबूत पते का सबूत
एमओए, एओए और निगमन साझेदारी विलेख / एलएलपी प्रमाणपत्र

जीएसटी पंजीकरण के फायदे

1. व्यवसायी कानूनी तौर पर अपने ग्राहकों से कर संग्रह और आपूर्तिकर्ताओं के लिए कर लाभ पर पारित कर सकता हैं।

2. व्यापार 100% माल और सेवा कर अनुरूप हो जाता है। जिससे लागत काम आती है।

3. व्यापारी इनपुट टैक्स क्रेडिट जो वह खरीद पर भुगतान कर दिया है उसके दावे और मुनाफे में सुधार कर सकता हैं।

4. जीएसटी प्रमाण पत्र दस्तावेजों को चालू खाता या व्यापार खाता खोलने में वेरीफाई डॉक्यूमेंट के रूप में इस्तेमाल कर सकता है।

5. अगर व्यवसायी ने GSTN ले लिया है तो वह आसानी से विभिन्न राज्यों और केंद्र सरकार निविदाओं के लिए आवेदन कर सकता है।

6. अपने बिज़नेस को बढ़ने के लिए व्यवसायी ऑनलाइन, आयात-निर्यात जैसे विभिन्न चैनलों के माध्यम से अपने व्यवसाय का विस्तार कर सकता है।

7. भुगतान के लिए पेमेंट गेटवे या फिर मोबाइल पेमेंट में भी GST नंबर का प्रयोग कर उसका उपयोग कर सकता है।

जीएसटी पंजीकरण के प्रकार?

संरचना योजना के तहत ए पंजीकरण:

यह संरचना योजना उन छोटे करदाताओं के लिए है जिनका व्यवसाय का लाभ कम होता है। इस योजना से पात्र करदाता अपनी वार्षिक आय का कुछ हिस्सा कर के रूप में भुगतान करता है। उदाहरण के लिए भोजनालय, छोटे खुदरा विक्रेताओं और ठेला पर व्यापार के कारोबार इत्यादि छोटे-छोटे व्यवसाय सम्मिलित हैं। इसके लाभ के लिए

  • तिमाही विवरणी जमा, हर महीने की झंझट नहीं।
  • काम जमा जिससे लाभ दिखेगा।
  • जीएसटी मानदंडों के तहत लेखा-जोखा और रिकॉर्ड्स रखने के लिए आसान है।

जीएसटी संरचना योजना के तहत रजिस्टर करने के लिए पात्रता मानदंड है:

  • एक पंजीकृत करदाता होना चाहिए।
  • वार्षिक कारोबार कम से कम रुपये 1 करोड़ होना चाहिए।
  • सामान, डीलर के निर्माता, और रेस्तरां (शराब परोसने वाले नहीं) इस योजना के लिए विकल्प चुन सकते हैं।

बी पंजीकरण योग्य व्यक्ति के रूप में:

एक व्यवसायी जो कई रूप में अपने माल का उत्पादन करता है एवं कई राज्यों में उसका काम चलता है तो वह खुद को पंजीकृत कर सकता है वो भी एक राज्य के लिए जिसे वो भुगतान करना चाहे अपनी माल और सेवा के लिए।

मान लीजिए 'ए' व्यक्ति का एक व्यापार है जो विभिन्न राज्यों में सेवाएं प्रदान करते हैं, तो वह अपने अनुरूप विशेष राज्य के कर के लिए पंजीकरण कर सकता है।

जीएसटी पंजीकरण नंबर की जरूरत किसको है?

  • जिसका कारोबार 20 लाख रूपये प्रतिवर्ष से ज्यादा हो वहीँ पूर्वोत्तर राज्यों के लिए यह 10 लाख रूपये है।
  • किसी व्यवसायी का व्यापार एक से अधिक राज्य में काम कर रहा हो।
  • अगर व्यवसायी के व्यापार का वैट, उत्पाद शुल्क कानून, सेवा कर कानूनों के तहत पहले से पंजीकरण है।
  • यदि व्यवसायी अपने उत्पादों को ऑनलाइन बेचता है जैसे की (अमेज़न और फ्लिपकार्ट पर बेचने की तरह)
  • यदि कारोबारी भारत के बाहर सेवाओं और माल उपलब्ध करवा रहे हैं।

जीएसटी अधिनियम के तहत दंड

  • अगर व्यवसायी का व्यापार जीएसटी के मानकों के अनुरूप है और उसने जीएसटी पंजीकरण नहीं कराया है तब 100% कर या 10,000 रूपये। दोनों में जो ज्यादा होगा उनमे से एक।
  • जीएसटी चालान नहीं देने पर: 100% कर या 10,000 रूपये। दोनों में जो ज्यादा होगा उनमे से एक।
  • गलत चालान जमा करने पर: 25,000 रु
  • जीएसटी कर रिटर्न नहीं भरने पर: 20 रूपये प्रति दिन व नियमित रूप से रिटर्न 50 रुपए प्रति दिन वापसी के लिए।
  • संरचना योजना में गलत जानकारी देने पर 100% कर या 10,000 रूपये। दोनों में जो ज्यादा होगा उनमे से एक।

यह भी पढ़ें:
जीएसटी से जुड़े कुछ ज़रूरी दस्तावेज़ जो हर व्यापारी के पास होने चाहिए
जीएसटी से जुड़ी कुछ अहम बातें जो हर व्यापारी को पता होनी चाहिए
म्यूचूअल फ़ंड्ज़ (mutual funds) क्या हैं? म्यूचूअल फ़ंड्ज़ के बारे में पूरी जानकारी

FAQs

Q. जीएसटी (माल और सेवा कर) क्या है?

A. जीएसटी (माल और सेवा कर) नाम ही परिभाषित करता है कि कर माल और सेवाओं पर लगाया जाता है।

Q. खपत पर एक गंतव्य आधारित कर की अवधारणा क्या है?

A. कर, टैक्स प्राधिकरण द्वारा जीएसटी कानून के तहत लिया जायेगा जिसमे उत्पादन से लेकर खपत तक का क्षेत्राधिकार आता है।

Q. मौजूदा करों में से कौन सा जीएसटी के तहत सम्मिलित किया गया हैं?

A. केन्द्रीय उत्पाद शुल्क

  • उत्पाद शुल्क (औषधीय और शौचालय तैयारी)
  • उत्पाद शुल्क के अतिरिक्त शुल्क (विशेष वस्तुओं पर)
  • उत्पाद शुल्क (कपड़ा और वस्त्र उत्पाद) का अतिरिक्त शुल्क
  • सीमा शुल्क
  • सेवा कर

राज्य वैट

  • केन्द्रीय बिक्री कर
  • लक्जरी टैक्स
  • एंट्री टैक्स (सभी प्रकार)
  • मनोरंजन और मनोरंजन कर (जब स्थानीय निकायों द्वारा लगाए छोड़कर)
  • विज्ञापनों पर कर
  • टैक्स खरीद
  • लॉटरी, सट्टेबाजी और जुए पर कर

Q. जीएसटी के बाद तंबाकू उत्पादों की स्थिति क्या है?

A. तंबाकू और तंबाकू उत्पादों GST के अधीन है।

Q. जीएसटी किस प्रकार का प्रस्ताव है?

A. जीएसटी तीन अलग-अलग प्रकार सीजीएसटी (केंद्रीय माल और सेवा कर), एसजीएसटी (राज्य माल और सेवा कर), IGST (एकीकृत माल और सेवा कर) में समायोजित है।

Q. कौन सा अधिकार लेवी और जीएसटी के लिए प्रशासन है?

A. केंद्र लेवी और सीजीएसटी और IGST लिए प्रशासन, जबकि संबंधित राज्यों / संघ राज्य क्षेत्रों लेवी और एसजीएसटी के लिए प्रशासन होगा।

Q. बी-2-बी लेनदेन जीएसटी के अधीन है ?

A. हाँ, बी 2 बी लेनदेन जीएसटी के अधीन हैं।

Q. पैन जीएसटी के लिए आवेदन करने की आवश्यकता है?

A. हाँ, पैन कार्ड जीएसटी के लिए आवेदन करने की आवश्यकता है।

Q. सभी वस्तुओं और सेवाओं जीएसटी के तहत कर योग्य हैं?

A. सभी वस्तुओं और सेवाओं पर जीएसटी योग्य है केवल शराब, पेट्रोलियम कच्चे तेल, उच्च गति डीजल, प्राकृतिक गैस और विमानन टरबाइन ईंधन इसके अंतर्गत नहीं आते।

Q. जीएसटी के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया क्या है?

A. जीएसटी पंजीकरण तीन आसान चरणों में किया जा सकता है:

  • आवेदन मसौदा
  • ARN संख्या
  • पंजीकृत जीएसटी संख्या

Q. बिना जीएसटी पंजीकरण दावा आईटीसी एक व्यक्ति और कर जमा कर सकते हैं?

A. नहीं, जीएसटी पंजीकरण के बिना कर जमा नहीं कर सकते।