
भारत की ज़्यादातर कोल्ड ड्रिंक तीन कंपनियों की हैं: Coca-Cola India (Thums Up, Sprite, Limca, Fanta, Maaza), PepsiCo India (Pepsi, Mountain Dew, 7Up, Mirinda, Sting) और Reliance की Campa। Parle Agro, Bisleri और Rasna अलग खिलाड़ी हैं। 22 सितंबर 2025 से aerated drinks पर 40% GST है, और अगस्त 2026 में ₹10 वाला entry pack 150 ml का।
भारत में इस समय कौन-कौन से कोल्ड ड्रिंक ब्रांड चल रहे हैं?
2026 की शेल्फ पर नाम भले तीस से ज़्यादा हों, कंपनियाँ गिनी-चुनी हैं। नीचे की टेबल में हर ब्रांड के साथ उसकी मालिक कंपनी लिखी है, क्योंकि असली उलझन यही है: जिन नामों को लोग "देसी" समझते हैं, उनमें से कई multinational के पोर्टफोलियो में बैठे हैं।
| ब्रांड | कंपनी (2026) | कैटेगरी | नोट |
|---|---|---|---|
| Coca-Cola, Coca-Cola Zero Sugar, Diet Coke | Coca-Cola India | कोला | Zero Sugar और Diet Coke, दोनों कंपनी की India साइट पर लिस्टेड |
| Thums Up, Charged by Thums Up, Thums Up X Force | Coca-Cola India | कोला / caffeinated | Thums Up 1977 में Parle का बनाया हुआ, 1993 में Coca-Cola ने खरीदा |
| Sprite | Coca-Cola India | lemon-lime | can 180/300/330 ml, कांच 200/300/330 ml, PET 250 ml से 2.25 L |
| Limca | Coca-Cola India | lemon-lime (cloudy) | असली फल का रस बिल्कुल नहीं |
| Fanta Orange, Fanta Apple Delite | Coca-Cola India | orange / fruit carbonate | Apple Delite में 10.5% सेब का रस |
| Rimzim | Coca-Cola India | मसाला/जीरा सोडा | कंपनी की India ब्रांड लिस्ट में शामिल |
| Maaza, Minute Maid, Rani | Coca-Cola India | juice / fruit drink | GST कटने के बाद इसी कैटेगरी में असली राहत मिली |
| Kinley, smartwater, vitaminwater | Coca-Cola India | पैकेज्ड पानी | पुरानी पोस्टों में लिखा "Kinsley" गलत स्पेलिंग है |
| Pepsi, Pepsi Zero | PepsiCo India (bottler: Varun Beverages) | कोला | Diet Pepsi और "Pepsi Black" अब bottler की India लिस्ट में नहीं |
| Mountain Dew | PepsiCo India | citrus carbonate | Varun Beverages की CY2026 filing वाली India लिस्ट में दर्ज |
| Sting, Adrenaline Rush | PepsiCo India | caffeinated drink | लेबल पर "energy" शब्द हटाने का मामला चल रहा है |
| 7Up, 7Up Nimbooz, Nimbooz Jeera Soda | PepsiCo India | lemon-lime / जीरा सोडा | Nimbooz Jeera Soda देसी स्वाद वाला carbonate |
| Mirinda | PepsiCo India | orange | भारत में Varun Beverages बनाती और बेचती है |
| Slice, Tropicana | PepsiCo India | mango drink / juice | सितंबर 2025 में MRP घटी |
| Aquafina, Evervess | PepsiCo India | पानी / सोडा | Evervess 300 ml कांच सितंबर 2025 से ₹9 |
| Campa Cola, Campa Lemon, Campa Orange | Reliance Consumer Products | कोला / lemon / orange | मार्च 2023 में ₹10 की entry कीमत पर वापसी |
| Frooti, Appy, Appy Fizz, B Fizz, Smoodh, Bailley, Dhishoom, Frio, Bombay 99 | Parle Agro | fruit drink / fizz / पानी / दूध | स्वतंत्र भारतीय कंपनी; Smoodh, B Fizz और Dhishoom 2022 वाली लिस्टों में थे ही नहीं |
| Bisleri | Bisleri International | पैकेज्ड पानी | Chauhan परिवार का ब्रांड, Limca से अलग |
| Rasna Fizzy, Indie Cola | Rasna | RTD drink / कोला | पाउडर वाली Rasna अब ready-to-drink में भी |
| Tang | Mondelez India | पाउडर concentrate | carbonate नहीं है, इसे कोल्ड ड्रिंक की लिस्ट में गिनना गलत है |
| Red Bull | Red Bull | caffeinated drink | भारत के caffeinated खिलाड़ियों में शामिल |
| Monster Energy | Coca-Cola के bottler HCCB द्वारा भारत में बॉटल | caffeinated drink | 2022 वाली लिस्टों में नहीं था |
2022 तक की ज़्यादातर लिस्टों में Campa, Charged by Thums Up, Sting, Smoodh और Indie Cola का नाम तक नहीं था। अब ये सब चलती हुई शेल्फ का हिस्सा हैं।
कोला ब्रांड्स का मालिक कौन है?
भारत के कोला बाज़ार में तीन मालिक हैं: Coca-Cola India, PepsiCo India और Reliance Consumer Products। Coca-Cola ने 1950 में भारत में काम शुरू किया, 1977 में equity और formula से जुड़े नियमों की वजह से कारोबार समेट लिया, और 24 अक्टूबर 1993 को वापस आई। यानी बीच में 16 साल का गैप था, "करीब दस साल" नहीं।
उसी 1977 में Ramesh Chauhan के परिवार की Parle ने Thums Up बनाई थी, ठीक उस खाली जगह को भरने के लिए। 1993 में Coca-Cola ने Parle से Thums Up, Limca, Gold Spot, Maaza और Citra, पाँचों ब्रांड एक साथ लगभग 6 करोड़ डॉलर में खरीद लिए। उस वक़्त Thums Up के पास भारतीय कोला बाज़ार का करीब 85% हिस्सा था। इसी एक सौदे से यह समझ आता है कि इतने सारे "भारतीय" नाम आज एक अमेरिकी कंपनी के पास क्यों हैं।
दुकानदार के लिए मालिकाना हक से ज़्यादा ज़रूरी है bottler, क्योंकि माल उसी से आता है। Coca-Cola की तरफ़ HCCB है, जिसके 10 राज्यों में 14 प्लांट, 8 co-packer, 2,000 से ज़्यादा distributor और 17 लाख से ऊपर customer हैं; Monster Energy भी भारत में यही बॉटल करती है। जुलाई 2025 में Jubilant Bhartia Group ने Hindustan Coca-Cola Holdings में 40% हिस्सेदारी ली, और 1 जून 2026 को Coca-Cola ने ऐलान किया कि वह इस holding company की 2027 में भारतीय exchanges पर listing देख रही है और अपना कुछ हिस्सा बेचेगी। मतलब साफ़ है: कंपनी खुद bottling से पीछे हट रही है और बीच में franchise bottler आ रहे हैं।
PepsiCo की तरफ़ तस्वीर उलटी है। 21 मई 2026 को Varun Beverages और PepsiCo ने भारत के लिए exclusive bottling और trademark समझौता दोबारा साइन किया और उसकी मियाद 2039 से बढ़ाकर 30 अप्रैल 2049 कर दी। ज़्यादातर इलाक़ों में Pepsi, Mountain Dew, Sting, 7Up और Mirinda आपकी दुकान तक इसी रास्ते से पहुँचेंगी, और अगले दो दशक तक यही रास्ता रहेगा।
Coca-Cola और PepsiCo का market share कितना है?
सच यह है कि भारत के लिए दोनों में से कोई कंपनी ब्रांड-वार market share छापती ही नहीं, इसलिए इंटरनेट पर घूमते "40% बनाम 30%" जैसे आँकड़े किसी प्राथमिक स्रोत से नहीं आते। हम वही लिख रहे हैं जो रिकॉर्ड पर है।
Coca-Cola ने 28 जुलाई 2026 के अपने Q2 नतीजों में कहा कि global unit case volume 5% बढ़ा और उसमें भारत अगुआ बाज़ारों में रहा, लेकिन कुल NARTD beverages में कंपनी ने value share गँवाया, क्योंकि Japan और China का फ़ायदा भारत के नुकसान से ज़्यादा नहीं था। दूसरी तरफ़ Varun Beverages ने Q2 CY2026 में भारत का volume सालाना 14.4% बढ़ना दर्ज किया। Campa को लेकर Varun Beverages के chairman ने अगस्त 2026 की earnings call में इतना कहा कि Campa अपना इलाक़ा बढ़ा रही है और "B-brands खा रही है"; share का कोई आँकड़ा उन्होंने नहीं दिया।
एक और गड़बड़ी से बचिए: कोला का share, सारे carbonates का share और सारे beverages (जिसमें पानी, juice और दूध वाले drinks भी हैं) का share, तीनों अलग चीज़ें हैं। जो लोग एक ही नंबर तीनों जगह चिपका देते हैं, वे तुलना ही गलत कर रहे होते हैं।
Lemon-lime और orange ड्रिंक्स में कौन-कौन से नाम ज़रूरी हैं?
2026 की lemon-lime शेल्फ़ पर Sprite और Limca (Coca-Cola), 7Up, 7Up Nimbooz और Nimbooz Jeera Soda (PepsiCo), Campa Lemon (Reliance) तथा Bailley Soda और B Fizz (Parle Agro) हैं। Sprite साफ़ और तेज़ फ़िज़ वाली है, Limca धुँधली और हल्की मीठी। Coca-Cola India की अपनी लेबल कॉपी के मुताबिक Limca में फल का रस बिल्कुल नहीं है: carbonated water, चीनी, acidity regulator (330, 331(iii)), stabilizer (414, 471), preservative (211) और नींबू का फ़्लेवर, बस इतना। Limca 1970 के दशक में Parle में बनी थी; लॉन्च का साल स्रोतों में आपस में मेल नहीं खाता, इसलिए एक साल लिख देना ठीक नहीं होगा। 1988 से पहले इसमें brominated vegetable oil इस्तेमाल होता था, जिस पर रोक लगने के बाद formula बदला गया। और हाँ, Limca Book of Records अब भी छपती है; Coca-Cola India के media centre पर इसका 33वाँ संस्करण (2024) दर्ज है।
Orange वाली तरफ़ Fanta Orange, Mirinda और Campa Orange आमने-सामने हैं। Fanta Apple Delite इनसे अलग है, यह 10.5% सेब के रस वाला carbonated fruit beverage है। Fanta Grape और sugar-free Fanta अब कंपनी की India लिस्ट में नहीं मिलतीं। नाम का किस्सा दिलचस्प है: दूसरे विश्वयुद्ध में जब अमेरिका से syrup आना बंद हुआ, Coca-Cola Deutschland ने चुकंदर की चीनी, whey और सेब के गूदे से यह ड्रिंक बनाई, और "Fantasie" (कल्पना) शब्द से नाम Fanta पड़ा। आज वाला orange formulation 1955 में इटली में तैयार हुआ। मसाला सोडा पसंद करने वालों के लिए Rimzim और Nimbooz Jeera Soda, दोनों बड़ी कंपनियों की लिस्ट में मौजूद हैं।
Sugar-free और zero-calorie ऑप्शन में 2026 में क्या मिलता है?
2021-22 वाली हर zero/diet ड्रिंक का नाम या तो बदल गया है या वह हटा दी गई है। Coca-Cola India आज भारत के लिए Coca-Cola Zero Sugar (sucralose और acesulfame potassium) और Diet Coke (aspartame और acesulfame potassium) लिस्ट करती है; "Coca-Cola Zero" पुराना नाम है। Sprite Zero कंपनी की भारत वाली Sprite पेज या ब्रांड इंडेक्स, कहीं नहीं दिखती, इसलिए उसे शेल्फ़ का SKU मानकर मत चलिए। PepsiCo की तरफ़ bottler की filing में Pepsi Zero है, Diet Pepsi और Pepsi Black नहीं। Charged by Thums Up का एक no-sugar variant भी आता है।
कारोबारी नज़र से एक बात याद रखिए: sugar-free होने का कोई टैक्स फ़ायदा नहीं है। GST schedule में HSN 2202 10 के तहत "added sugar या sweetener या flavour वाले aerated waters" सब 40% पर हैं, यानी चीनी हटाने से स्लैब नहीं बदलता। सेहत वाली पोज़िशनिंग बिक्री के लिए है, बिल के लिए नहीं।
कोल्ड ड्रिंक की कीमत कितनी है और दुकानदार को क्या मिलता है?
सबसे बड़ा बदलाव टैक्स में हुआ है। GST Council की 56वीं बैठक की सिफ़ारिशों (PIB, 3 सितंबर 2025) के मुताबिक 22 सितंबर 2025 से यह ढाँचा लागू है।
| आइटम | पहले | 22 सितंबर 2025 से |
|---|---|---|
| Aerated water, चीनी/sweetener/flavour वाली (HSN 2202 10) | 28% + cess | 40% |
| Carbonated fruit drink / fruit juice वाली carbonate | 28% + cess | 40% |
| Caffeinated beverages | 28% + cess | 40% |
| बाक़ी non-alcoholic beverages | 18% | 40% |
| Fruit pulp या juice वाले drinks | 12% | 5% |
| दूध वाले drinks, soya milk drinks | 12% | 5% |
| Plant-based milk drinks | 18% | 5% |
| बिना मीठा/फ़्लेवर वाला पानी | 18% | 5% |
| 20 लीटर पीने के पानी का जार | 12% | 5% |
नतीजा यह हुआ कि कोला पर टैक्स लगभग जितना था उतना ही रहा (28% + cess की जगह सीधा 40%), जबकि juice, दूध वाले drinks और पानी सस्ते हो गए। इसीलिए bottlers ने juice और पानी की MRP दोबारा जारी की, carbonates की नहीं। PepsiCo के bottler Varun Beverages की 22 सितंबर 2025 से लागू राज्यवार MRP लिस्ट से कुछ सोर्स्ड कीमतें:
| SKU | पुरानी MRP | नई MRP (सितंबर 2025 से) |
|---|---|---|
| Slice 250 ml PET | ₹20 | ₹19 |
| Slice 600 ml | ₹40–42 | ₹38 |
| Slice 1.2 L | ₹75 | ₹70 |
| Slice 200 ml कांच (returnable) | ₹12 | ₹11 |
| Tropicana 500 ml | ₹30 | ₹28 |
| Nimbooz 350 ml | ₹25 | ₹23 |
| Evervess सोडा 300 ml कांच | ₹10 | ₹9 |
| Aquafina 250 ml / 500 ml / 1 L | नई लिस्ट में दर्ज | ₹6 / ₹9 / ₹18 |
इस पूरी लिस्ट में एक भी carbonated SKU नहीं है, जो अपने आप में सबूत है कि cola की MRP नहीं हिली। 200-250 ml कांच, 600 ml, 750 ml, 1.25 L और 2 L की कोला MRP राज्य और bottler के हिसाब से अलग-अलग रहती है, इसलिए कोई एक "राष्ट्रीय" नंबर लिखना ईमानदारी नहीं होगी; अपने distributor की मौजूदा price list ही सही जवाब है।
असली कीमत की लड़ाई दो जगह टिकी है: ₹10 और ₹20। Reliance ने मार्च 2023 में Campa को ₹10 की entry कीमत पर उतारा था। अगस्त 2026 तक Campa ने ₹10 वाला पैक 200 ml से घटाकर 150 ml कर दिया और 500 ml को ₹20 पर रोके रखा; जवाब में PepsiCo के bottler ने अपना ₹20 वाला पैक 250 ml से बढ़ाकर 400 ml कर दिया। Varun Beverages के chairman ने अगस्त 2026 की call में ₹10 वाली कैटेगरी को साफ़ शब्दों में "मुनाफ़े वाली नहीं" कहा।
Retailer margin का कोई आधिकारिक आँकड़ा कोई कंपनी नहीं छापती, और बाहर घूमते नंबर इतने अलग-अलग हैं कि उनका औसत भी बेमानी है, इसलिए यहाँ कोई प्रतिशत नहीं लिख रहे। जो बात रिकॉर्ड पर है वह ज़्यादा काम की है: मुक़ाबला ग्राहक को ज़्यादा ml के रूप में दिया जा रहा है, trade margin के रूप में नहीं। और chilling का ख़र्च bottler उठाता है। Varun Beverages ने H1 CY2026 में करीब ₹400 करोड़ market infrastructure पर लगाए, जिसमें visi-cooler, कांच की बोतलें, pallets और गाड़ियाँ शामिल हैं। दुकान की कमाई इसी पर टिकी है: ठंडी बोतल बिकती है, गरम नहीं। visicooler की जगह, उसकी बिजली और उसमें कौन सा SKU आगे रखा है, यह margin के प्रतिशत से ज़्यादा फ़र्क़ डालता है।
किराना दुकान या ठेले पर कौन सी कोल्ड ड्रिंक रखनी चाहिए?
चलने वाला माल single-serve है: ₹10 और ₹20 वाले pack, 200-300 ml की returnable कांच की बोतल और 600 ml PET। कांच की बोतल पर deposit लौटता है, इसलिए उसमें फँसी पूँजी सबसे कम रहती है, बशर्ते खाली बोतलें वापस देते रहें। 1.25 L, 2 L और 2.25 L के family pack गर्मी, त्योहार और शादी के महीनों में चलते हैं; बाक़ी समय वही cooler की जगह घेरते हैं, जिसमें दो-तीन गुना तेज़ चलने वाला माल रखा जा सकता था।
सप्लाई का रास्ता कंपनी के हिसाब से तय है। PepsiCo के ब्रांड ज़्यादातर इलाक़ों में Varun Beverages के रास्ते आते हैं और यह इंतज़ाम 2049 तक तय हो चुका है। Coca-Cola के ब्रांड HCCB या उसके franchise bottler और उनके distributor नेटवर्क से आते हैं। Campa के लिए Reliance Consumer Products का distributor पकड़ना होता है। नई दुकान का सबसे तेज़ रास्ता वही है जो पहले से इलाक़े में route चला रहा है; उससे visi-cooler, खाली बोतलों की गिनती और delivery के दिन, तीनों साफ़ लिखवा लीजिए। एजेंसी लेने की पूरी प्रक्रिया और लागत के लिए soft drink agency कैसे शुरू करें पढ़िए, और शहर स्तर पर distributor ढूँढ़ने के लिए FMCG distributors की लिस्ट काम आएगी।
नक़दी का चक्र मत भूलिए। मार्च से जून तक बिक्री ऊपर रहती है और स्टॉक भी उसी हिसाब से भरना पड़ता है; मानसून के बाद वही पैसा शेल्फ़ पर पड़ा रह जाता है। जिनकी दुकान पर चाय की दुकान जैसा साथ का धंधा है, उनके लिए ठंडी और गरम, दोनों तरफ़ का मौसमी संतुलन आसान हो जाता है। स्टॉक के लिए distributor से या ग्राहकों को उधार चलता है तो उसका हिसाब रोज़ लिखना ज़रूरी है; इसके लिए OkCredit जैसा मुफ़्त digital khata app इस्तेमाल कर सकते हैं, हर entry का SMS सामने वाले को भी चला जाता है (Play Store पर)।
Carbonates के अलावा भारत में और क्या बढ़ रहा है?
टैक्स ने ही दिशा बदल दी है: 22 सितंबर 2025 से juice वाले drinks, दूध वाले drinks और सादा पानी 5% पर आ गए, जबकि carbonates 40% पर हैं। Juice और fruit drink में Maaza, Slice, Frooti, Appy, Minute Maid, Tropicana और Rani हैं। दूध वाली तरफ़ Parle Agro की Smoodh है, और 18 जून 2026 के franchise समझौते के बाद Asahi का fermented-milk ब्रांड CALPIS भी Varun Beverages के ज़रिए भारत आ रहा है। पानी में Bisleri, Kinley, Bailley और Aquafina का मुक़ाबला है। देसी स्वाद पैकेज्ड रूप में Nimbooz Jeera Soda और Rimzim के रूप में मिलता है, और Rasna ने पाउडर से आगे बढ़कर Rasna Fizzy तथा Indie Cola उतारी हैं।
Caffeinated segment में Sting और Adrenaline Rush (PepsiCo), Charged by Thums Up (Coca-Cola), Red Bull और Monster हैं। यहाँ एक नियामक बदलाव चल रहा है: Varun Beverages ने अगस्त 2026 की earnings call में बताया कि FSSAI ने लेबल से "energy" शब्द 90 दिन में हटाने का निर्देश दिया है, क्योंकि "energy drink" FSSAI के यहाँ कभी रजिस्टर्ड कैटेगरी थी ही नहीं; कंपनी के मुताबिक जून-जुलाई 2026 में Sting का volume गिरा और नए लेबल बाज़ार में पहुँचते ही सँभल गया। नया स्टॉक उठाने से पहले लेबल पर एक नज़र डाल लेना और अपने FSSAI registration को foscos.fssai.gov.in पर अपडेट रखना, दोनों समझदारी है। सटीक आदेश और तारीख़ अपने distributor या FSSAI कार्यालय से पक्की कर लीजिए।
बाज़ार बढ़ भी रहा है। Coca-Cola ने Q2 2026 में 5% global volume growth के लिए जिन चार बाज़ारों का नाम लिया, उनमें भारत शामिल है, और Varun Beverages का consolidated volume उसी तिमाही में 19.8% बढ़ा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
भारत में सबसे ज़्यादा बिकने वाली कोल्ड ड्रिंक कौन सी है?
कोई भी कंपनी भारत के लिए ब्रांड-वार बिक्री की रैंकिंग नहीं छापती, इसलिए "नंबर एक" का दावा किसी प्राथमिक स्रोत पर टिकता ही नहीं। रिकॉर्ड पर बस इतना है: Coca-Cola ने Q2 2026 में भारत को 5% global volume growth वाले अगुआ बाज़ारों में गिना, और उसी तिमाही में Varun Beverages का भारत volume 14.4% बढ़ा।
Thums Up, Limca और Maaza किस कंपनी की हैं?
तीनों The Coca-Cola Company की हैं। ये Parle में बनी थीं और 1993 में Gold Spot तथा Citra के साथ एक ही सौदे में Coca-Cola को बेची गईं, लगभग 6 करोड़ डॉलर में।
भारत की पहली सॉफ्ट ड्रिंक कौन सी थी?
आमतौर पर जवाब Gold Spot बताया जाता है, जो 1952 में Parle Products ने उतारी थी और बाद में 1993 वाले सौदे में Coca-Cola के पास चली गई। इसका स्रोत मज़बूत नहीं है और Bombay के Duke's जैसे पुराने सोडा कारखाने इससे पहले के हैं, इसलिए इसे "आमतौर पर कहा जाता है" के रूप में ही लीजिए।
क्या आज कोई कोल्ड ड्रिंक ब्रांड भारतीय कंपनी का है?
हाँ। Campa (Reliance Consumer Products), Frooti, Appy Fizz, B Fizz और Bailley (Parle Agro), Bisleri और Rasna भारतीय कंपनियों के हैं। Thums Up और Limca भारत में बने ज़रूर थे, पर 1993 से उनके मालिक Coca-Cola हैं।
सबसे सस्ती कोल्ड ड्रिंक कौन सी है?
कीमत की सबसे नीची सीढ़ी ₹10 की है, जो Campa ने मार्च 2023 में शुरू की थी। अगस्त 2026 तक उस ₹10 वाले पैक का आकार 150 ml रह गया है, जबकि PepsiCo के bottler ने अपना ₹20 वाला पैक 400 ml कर दिया है, यानी सस्ता कौन है यह अब ml प्रति रुपये से तय होता है, सिर्फ़ MRP से नहीं।