मेडिकल स्टोर के मालिक हैं ये बातें हमेशा ध्यान में रखें

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मेडिकल स्टोर के मालिक हैं ये बातें हमेशा ध्यान में रखें

मेडिकल स्टोर एक ऐसी जगह है, जहां न चाहते हुए भी इंसान को जाना पड़ता है। वो इसलिए क्योंकि शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा जो बीमार न पड़ता हो और उसे दवाइयों (Medicines) की जरूरत न पड़ती हो। बीमार पड़ने पर व्यक्ति डॉक्टर के पास जाता है। और डॉक्टर द्वारा लिखी गई दवाइयों को खरीदने उसे मेडिकल स्टोर पर जाना पड़ता है। इस तरह दिनभर में न जाने कितने लोग मेडिकल स्टोर का चक्कर लगाते हैं।

दवाइयों की बढ़ती हुई मांग को देखते हुए आज हर कोई अपना खुद का मेडिकल शॉप खोलना चाहता है। और उससे पैसे कमाना चाहता है। क्योंकि ज़्यादातर सभी को यह बात पता है कि मेडिकल स्टोर खोलने में बहुत अधिक मुनाफा (Profit) होता है।

ऐसे में अगर आप भी चाहते हैं कि आपका भी खुद का मेडिकल स्टोर हो। और आप भी बहुत सारे पैसे कमाएं। तो इसके लिए आपको कई चीज़ों और डिग्रियों की आवश्यकता पड़ेगी। जिसके बारे में हम आपको इस पोस्ट में बताएंगे। इसलिए आप बिना घबराए इस पोस्ट को अंत तक पढ़ें।

मेडिकल स्टोर क्या होता है (What is Medical Store in Hindi)

मेडिकल स्टोर एक ऐसी जगह या दुकान होती है, जहां पर आपको स्वास्थ्य संबंधित दवाएं दी जाती हैं। मेडिकल स्टोर पर आपको दो प्रकार से दवाइयां उपलब्ध कराई जाती हैं। एक तो डॉक्टरों द्वारा लिखे गए प्रेस्क्रिप्शन के जरिए। और दूसरा बिना किसी प्रेस्क्रिप्शन के, जिन्हें आप अपनी सेहत के लिए अपनी मर्ज़ी से लेते हैं। लेकिन बिना प्रेस्क्रिप्शन आप शॉप से वही दवाएं खरीद सकते हैं, जो साधारण या मामुली होती हैं। वहीं कुछ दवाएं ऐसी भी होती हैं, जिन्हें आप बिना डॉक्टर की सलाह (Advice) या प्रेस्क्रिप्शन के नहीं खरीद सकते।

मेडिकल स्टोर का महत्व - Importance of Medical Store in Hindi

मेडिकल स्टोर आपको हर गांव, शहर, गली, मोहल्ले और चौराहे पर मिल जाएगा। ऐसा इसलिए क्योंकि इसकी ज़रूरत हर जगह पर है। जब व्यक्ति बीमार पड़ जाता है, तो वह खाना खाए बिना तो रह सकता है। लेकिन दवाओं के बिना नहीं रह सकता। हर व्यक्ति को कभी न कभी दवाओं की आवश्यकता होती है। फिर कारण चाहे ममुली सा बुखार ही क्यों न हो। यही वजह है कि दवाओं को बेचने के लिए मेडिकल शॉप खोला जाता है।

मेडिकल स्टोर या फार्मेसी के प्रकार - Types of Medical Stores or Pharmacy in Hindi

मेडिकल स्टोर या फार्मेसी कई प्रकार की होती हैं। यह आपके ऊपर निर्भर (Depend) करता है कि आप कौन सी फार्मेसी चुनना चाहते हैं। भारत में जिन मेडिकल स्टोर या फार्मेसी का चलन सबसे ज़्यादा है वो मुख्य रूप से चार प्रकार की होती हैं। जो कि निम्नलिखित हैं -

1. हॉस्पिटल फार्मेसी (Hospital Pharmacy) -

हॉस्पिटल फार्मेसी या मेडिकल स्टोर किसी हॉस्पिटल के अंदर या हॉस्पिटल के पास में ही खोला जाता है। जिसमें हॉस्पिटल के डॉक्टरों द्वारा लिखी गई दवाओं को बेचा जाता है।

2. टाउनशिप फार्मेसी (Township Pharmacy) -

ऐसी फार्मेसी या मेडिकल स्टोर जो किसी बस्ती में खोला जाता है। और वहां के लोगों को दवाएं दी जाती हैं, वह टाउनशिप फार्मेसी कहलाती है।

3. स्टैंडअलोन फार्मेसी (Standalone Pharmacy) -

इस फार्मेसी के अन्तर्गत आप अपना मेडिकल स्टोर किसी गली, मोहल्ले या रेजिडेंशियल जगह पर खोल सकते हैं। और लोगों को मेडिसिन उपलब्ध करा सकते हैं।

4. चैन फार्मेसी (Chain Pharmacy) -

चैन फार्मेसी के अन्तर्गत एक कंपनी के प्रोडक्ट अलग अलग शहर (City) के मेडिकल स्टोर में मिलते हैं। इसके लिए मेडिकल स्टोर वाले को उस कंपनी से फ्रेंचाइजी लेनी पड़ती है। और कंपनी के अनुसार ही दवाओं को बेचा जाता है।

ये तो थे फार्मेसी के चार मुख्य प्रकार। वहीं इनके अलावा भी कुछ फार्मेसी हैं, जो कि इस प्रकार हैं -  

  • कम्युनिटी फार्मेसी (Community Pharmacy)
  • क्लीनिकल फार्मेसी (Clinical Pharmacy)
  • इंडस्ट्रियल फार्मेसी (Industrial Pharmacy)
  • कंपाउंडिंग फार्मेसी (Compounding Pharmacy)
  • कंसल्टिंग (Consulting Pharmacy)
  • अंबुलेटरी केयर फार्मेसी (Ambulatory Care Pharmacy)
  • रेगुलेटरी फार्मेसी (Regulatory Pharmacy)
  • होम केयर फार्मेसी (Home Care Pharmacy)

एक मेडिकल स्टोर खोलने के लिए क्या करें - Do's for a Medical Shop Owner :

एक मेडिकल स्टोर को खोलने के लिए आपको फार्मेसी चुन्नी होती है कि आप किस फार्मेसी के अन्तर्गत कार्य करना चाहते हैं। उसके बाद आपको निम्नलिखित चीज़ों को करने की आवश्यकता होती है -

1. मेडिकल स्टोर खोलने के लिए आवश्यक कोर्स (Course Required to Open a Medical Store) -

यदि आपने अपना खुद का एक मेडिकल स्टोर खोलने का मन बना लिया है तो उसके लिए आपको कोर्स करने पड़ते हैं। बिना कोर्स किए आप अपना मेडिकल स्टोर खोल ही नहीं सकते। मेडिकल स्टोर खोलने के लिए जिन कोर्स को करने की जरूरत पड़ती है। वो इस प्रकार हैं - बी-फार्मा (B-Pharma), डी-फार्मा (D-Pharma), एम-फार्मा (M-Pharma), फार्मा-डी (Pharma-D) इत्यादि। मेडिकल स्टोर खोलने के लिए आपको इनमें से किसी एक कोर्स को करना अनिवार्य है। इसे करने के बाद आपको एक सर्टिफिकेट मिलेगा। जिसके बाद आप खुद का मेडिकल स्टोर खोल सकते हैं।

2. लाइसेंस लेने की आवश्यकता (License Required) -

मेडिकल स्टोर खोलने के लिए आपको लाइसेंस लेने की आवश्यकता पड़ती है। बिना लाइसेंस आप अपना मेडिकल स्टोर नहीं खोल सकते। लाइसेंस के लिए आपको निम्नलिखित डॉक्युमेंट्स की आवश्यकता होती है -

  • फार्मेसिस्ट लिविंग सर्टिफिकेट
  • 10th पास सर्टफिकेट
  • आईडी प्रूफ
  • एप्लिकेशन फॉर्म
  • फार्मेसिस्ट मार्कशीट
  • एक्सपीरिएंस ऑर कॉलेज ट्रेनिंग सर्टिफिकेट
  • साइट प्लैन
  • प्रूफ़ ऑफ ऑनरशिप
  • चालान ऑफ द फ़ी डिपॉज़िटेड फॉर रजिस्ट्रेशन (3000)
  • डॉक्युमेंट्स ऑफ रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट्स

उपर्युक्त डॉक्युमेंट्स के साथ आप अपने सब डॉक्युमेंट को अपने राज्य के स्टेट ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन के पास ले जाकर अप्लाई करें। जहां आपको 3000 रूपय तक फीस के रूप में देना होगा। जब आपका डॉक्युमेंट प्रोसेस  कम्प्लीट हो जाएगा  तो 3 महीने के अंदर ही आपका लाइसेंस आपके द्वारा दिए गए एड्रेस पर पहुंच जाएगा।

3. सही स्थान को चुनें (Choose the Right Place) -

मेडिकल स्टोर खोलने के लिए आपको एक अच्छी सी जगह लेनी होगी। आपका मेडिकल स्टोर कम से कम 12 स्क्वायर मीटर की जगह (Space) का होना चाहिए। इसके अलावा आप मेडिकल स्टोर को कभी भी ऐसी जगह पर न खोलें जहां पर आबादी कम हो। नहीं तो आपकी शॉप मुनाफे की बजाए नुकसान में चली जाएगी।

4.  मेडिकल स्टोर खोलने के बाद दवाओं की आवश्यकता (Need of Medicines After Opening Medical Store) -

जब आप मेडिकल स्टोर खोल लेते हैं तो उसके बाद आपको मेडिकल स्टोर में दवाओं की आवश्यकता होती है। इसके लिए आप होल सेल मार्केट से दवाएं खरीद सकते हैं। यह होल सेल मार्केट आपको हर शहर में मिल जाएंगे। इसके अलावा अगर आप चाहें तो ऑनलाइन मार्केट से भी दवाइयां मंगवा सकते हैं।

5. मेडिकल स्टोर में आने वाली लागत (Medical Store Costs) -

मेडिकल स्टोर एक ऐसा बिजनेस है, जिसे आप कम पैसों से लेकर, ज़्यादा पैसे लगाकर भी शुरू कर सकते हैं। आप अपनी शॉप में जितना अधिक पैसा लगाएंगे दुकान उतनी ही अच्छी चलेगी। वैसे कुछ अनुभवी लोगों के अनुसार एक अच्छा सा मेडिकल स्टोर खोलने के लिए 4 से 5 लाख रुपए की ज़रूरत पड़ती है।

6. मेडिकल स्टोर को करें प्रोमोट (Promote Medical Store) -

जैसे हर बिजनेस को फेमस होने के लिए प्रोमोशन की जरूरत होती है। वैसे ही मेडिकल स्टोर खोलने के बाद इसे भी प्रोमोट करना आवश्यक होता है। यदि आपने ऐसा नहीं किया तो आपका मेडिकल स्टोर ज़्यादा सफ़ल नहीं होगा। इसलिए अगर आप चाहते हैं कि आपके मेडिकल स्टोर के बारे में ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को पता चले तो आप बेहतर तरीके से इसका प्रोमोशन करें। और ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को अपने मेडिकल स्टोर के बारे में बताएं।

मेडिकल स्टोर के प्रोमोशन के लिए आप दवाएं दिए जाने वाले लिफाफे (Envelope) में अपने मेडिकल स्टोर के बारे में लिखें। इसके अलावा आप न्यूजपेपर में भी अपने नये मेडिकल स्टोर का प्रचार कर सकते हैं। वहीं आप पैंफलेट छपवाकर भी अपने मेडिकल स्टोर को प्रोमोट कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त आप सोशल नेटवर्किंग साइट्स के द्वारा भी अपने बिजनेस का प्रोमोशन कर सकते हैं।

7. कस्टमर का भरोसा जीतें (Win Customer Trust) -

मेडिकल स्टोर खोलते समय आप इस बात का भी ध्यान रखें कि जो भी कस्टमर आपकी शॉप पर आता है। आप उसकी आवश्यकता को पूरा करें। उसको आप वो सभी दवाएं Provide कर सकें, जिसकी उन्हें ज़रूरत है। यदि आपकी शॉप पर कस्टमर के द्वारा मांगी हुई मेडिसिन मौजूद नहीं है। तो आप उससे एक दो-दिन का समय मांग कर उसकी आवश्यकता को पूरा करें। ऐसा करने से न केवल आप अपने कस्टमर का भरोसा जीत सकते हैं। बल्कि हमेशा के लिए उन्हें खुद से जोड़े भी रख सकते हैं।

मेडिकल शॉप के बिजनेस में क्या न करें - Don'ts for a Medical Shop Owner :

1. दूसरे के सर्टिफिकेट से न खोलें शॉप (Do not open shop with other's certificate) -

कुछ लोग सोचते हैं कि वो किसी और का सर्टिफिकेट लेकर अपना मेडिकल स्टोर चलाएं। लेकिन ऐसा करना अवैध (Illigal) होता है। इसलिए अगर आपके मन में भी ऐसा कुछ करने का विचार चल रहा है तो फ़ौरन इसे अपने मन से निकाल दें। क्योंकि ऐसा करना आपको बहुत बड़ी मुसीबत (Difficulty) में डाल सकता है।

2. कस्टमर से न लें ज़्यादा पैसे (Do not Take More Money from the Customer) -

मेडिकल शॉप खोलने के बाद यदि कस्टमर आपके पास दवाएं लेने आता है तो आपको उससे ज़्यादा पैसे नहीं लेने चाहिए। जो रेट दवाओं के लेबल पर छपा है आपको उतने ही पैसों में दवाएं बेचनी चाहिए। नहीं तो कस्टमर का भरोसा आपके ऊपर से उठ जाएगा।

3. एक्सपायरी डेट का रखें ध्यान (Take Care of Expiry Date) -

आप कभी भी अपने कस्टमर को ऐसी दवाएं न दें जिसकी डेट एक्सपायर हो चुकी हो। क्योंकि ऐसी दवाएं खाने से व्यक्ति के शरीर पर साइड इफेक्ट तो होता ही है। वहीं इससे जान तक जाने का खतरा भी रहता है। इसलिए आप जब भी अपने कस्टमर को दवाएं दें तो एक्सपायरी डेट ज़रूर चेक कर लें। नहीं तो आप मुसीबत में पड़ सकते हैं।

4. प्रेस्क्रिप्शन को ध्यान से पढ़ें (Read the Prescription Carefully) -

कस्टमर जब भी आपके पास दवाएं लेने आए तो आप प्रेस्क्रिप्शन को ठीक से पढ़ें और फिर दवाएं दें। कभी कभी कुछ डॉक्टरों द्वारा लिखे गए प्रेस्क्रिप्शन क्लियर नहीं दिखाई देते। ऐसे में गलत दवाएं देने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए आप बड़े ही ध्यान से प्रेस्क्रिप्शन को पढ़ें, तब दवाएं दें। यदि आप प्रेस्क्रिप्शन को नहीं पढ़ पाते हैं तो दवाएं न दें। और अपने कस्टमर से कहें कि डॉक्टर द्वारा इसे ठीक करा लें फिर दवाएं लेने आएं।

5. गर्म जगह पर न रखें दवाएं (Do not Keep Medicines in a Warm Place) -

मेडिकल स्टोर के अंदर आपको ए.सी. और फ्रिज की जरूरत भी पड़ेगी। क्योंकि जहां पर दवाएं रखी जाती हैं, वहां पर ज़्यादा गर्मी नहीं रहनी चाहिए। इसलिए मेडिकल शॉप खोलते समय आपको इस बात का भी खास ख्याल रखना होगा।

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